
पादरी ब्रूनसन की रिहाई के बाद तुर्की पर नरम पड़े अमरीकी राष्ट्रपति ट्रंप
वाशिंगटन/अंकारा: अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का कहना है कि पादरी एंड्रयू ब्रूनसन की रिहाई के बाद वह तुर्की पर लगे प्रतिबंधों को हटाने पर विचार करेंगे। तुर्की पर लगाए गए आर्थिक प्रतिबंधों को हटाने की संभावनाओं के बारे में पूछने पर ट्रंप ने कहा कि व्हाइट हाउस इस मामले पर जल्द ही विचार करेगा। पत्रकारों के एक सवाल के जवाब में ट्रंप ने जोर देकर कहा कि ब्रूनसन की रिहाई के बदले में प्रतिबंधों को हटाने को लेकर तुर्की प्रशासन के साथ किसी तरह की बातचीत या समझौता नहीं हुआ था। हालांकि, ब्रूनसन की रिहाई की खबर ट्रंप ने ट्वीट कर कहा था, "अमरीका की ओर से आभार। इससे अमरीका और तुर्की के बीच शायद बेहतरीन संबंध बनेंगे।"
पादरी की रिहाई में बाहरी दबाव जिम्मेदार नहीं : तुर्की
उधर, तुर्की ने भी अमरीकी पादरी पादरी एंड्रयू ब्रूनसन की रिहाई को लेकर किसी बाहरी दवाब से इनकार किया है। तुर्की का कहना है कि ब्रूनसन को रिहा करने का फैसला बाहरी दबाव की वजह से नहीं किया गया। देश में सत्तारूढ़ जस्टिस एंड डेवलपमेंट पार्टी के फ्रवक्ता ओमर सेलिक ने कहा कि यह तुर्की की स्वतंत्र न्यायपालिका की प्रणाली की प्रक्रिया का नतीजा है।" उन्होंने कहा, "इस मामले पर प्रतिबंधों और धमकियों के बावजूद तुर्की ने बिना किसी दबाव के फैसला किया है।"
2016 में एंड्रयू ब्रूनसन किए गए थे गिरफ्तार
अमरीकी पादरी एंड्रयू ब्रूनसन (50) तुर्की में बीते दो दशकों से रह रहे थे लेकिन उन्हें जासूसी के आरोपों में दिसंबर 2016 को गिरफ्तार कर लिया गया था। अमरीका ने पादरी की रिहाई के लिए तुर्की पर काफी दबाव डाला था। यहीं नहीं अमरीका ने तुर्की पर कई तरह के आर्थिक प्रतिबंध भी लगा दिए थे। बता दें कि अभी हाल में ही एंड्रयू ब्रूनसन को तुर्की की एक अदालत ने रिहा किया है।
Published on:
14 Oct 2018 10:29 am
