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भाजपा सरकार अमेठी में विकास देखना पसंद नहीं करती: प्रदीप सिंघल

विमान बनने के बाद नहीं हुआ है उसका उद्घाटन

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pradeep singhal

भाजपा सरकार अमेठी में विकास देखना पसंद नहीं करती: प्रदीप सिंघल

अमेठी. नेहरू-गांधी परिवार का गढ़ माना जाने वाला अमेठी आज राजनीतिक दलों की वैमनस्यता का शिकार हो रहा है। कांग्रेस के पूर्ववर्ती शासनकाल में लाई गई योजना या तो यहां से चली गई है या फिर उपेक्षा का शिकार हो रही है। इसके उदाहरण के रूप में भारत का एक मात्र विमानन विश्वविद्यालय बनकर 2 सालों से तैयार है, जहां पर विमान के बनाने से लेकर पायलट व एयर होस्टेस तक की सारी पढ़ाई एक ही स्थान पर सम्पन्न होना है। इसके बावजूद इसका अभी तक उद्घाटन नहीं हो पाया है।

विश्वविद्यालय का लक्ष्य शिक्षा, प्रशिक्षण और अनुसंधान को बढ़ावा देना

बता दें कि भारत के पूर्व प्रधानमंत्री स्वo राजीव गांधी जी के सपनों को पूरा करने में लगे उनके राहुल गांधी ने 19 सितंबर 2013 को अमेठी के फुरसतगंज में देश का पहला राजीव गांधी राष्ट्रीय विमानन विश्वविद्यालय की आधारशिला रखी। यह विमानन विश्वविद्यालय अधिनियम 2013 के तहत नागरिक उड्डयन मंत्रालय के प्रशासनिक नियंत्रण वाला एक स्वायतशासी निकाय है। इसके लिए 12वीं पंचवर्षीय योजना में 202 करोड़ रुपये का बजट पास किया गया। साथ में यह भी बता दें कि राजीव गांधी राष्ट्रीय विमानन यूनिवर्सिटी यूपीए2 का ड्रीम प्रोजेक्ट था। इसमें संसद के अधिनियम ने नागरिक उड्डयन के क्षेत्र में डिप्लोमा, स्नातक उपाधि और स्नातकोत्तर उपाधि प्रदान करने के साथ ही विमानन के क्षेत्र में प्रमुख अंतरराष्ट्रीय विश्वविद्यालय/संस्थानों के साथ सहयोग, व वैश्विक ज्ञान के लिए बना है। यह केंद्रीय विश्वविद्यालय है जिसका लक्ष्य विमानन के क्षेत्र में अध्ययन, शिक्षा, प्रशिक्षण और अनुसंधान को बढ़ावा देना है।

विश्वविद्यालय वर्तमान में भारतीय विमानन उद्योग के भीतर कौशल की कमी को पूरा करने और भविष्य की अवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए कई पाठ्यक्रम पेश करना चाहता है। इसके लिए इस विश्वविद्यालय में अवकाश प्राप्त एयर वाइस मार्शल नलिन टंडन को कुलपति नियुक्त कर दिया गया है। साथ में आपको यह भी बता दें कि 7 नवंबर, 1985 में राजीव गांधी ने इसके बगल में इंदिरा गांधी राष्ट्रीय उड्डयन अकादमी की स्थापना की थी, जिसका लाभ अमेठी सहित पूरे देश के युवा ले रहे हैं।

पिछले दो वर्षों से बनकर तैयार समूचे भारत का पहला यह विश्वविद्यालय जिसके कुलपति की भी नियुक्ति हो गई है। अब राजनीतिक वैमनस्यता की भेंट चढ़ता दिखाई दे रहा है, क्योंकि पिछले अगस्त महीने में इस विश्वविद्यालय का उद्घाटन समारोह सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री अशोक गणपति राजू व उड्डयन राज्यमंत्री जयंत सिन्हा के द्वारा किया जाना तय हुआ था। लेकिन अचानक कार्यक्रम निरस्त होने की खबर आई थी। इसके बाद से अब तक यह विश्वविद्यालय अपने उद्घाटन की बाट जोह रहा है।

वहीं पर जब इस बात पर कांग्रेसी नेता व पीसीसी के सदस्य प्रदीप सिंघल से बात की गई, तो उन्होंने बताया कि जब राहुल गांधी ने विश्वविद्यालय दिया था, तब केंद्र में कांग्रेस की सरकार थी। मगर अब प्रदेश और केंद्र दोनों में भारतीय जनता पार्टी की सरकार है, जो कि अमेठी में कोई भी विकास देखना पसंद नहीं कर रही है। उन्होंने बताया कि हमारे यहां के कई प्रोजेक्ट यहां से चले गए हैं। यहां पर अगर इसकी शुरुआत न हुई होती, तो यह भी नहीं बनता यह भी चला गया होता।

जब मनमोहन की सरकार थी तब कुछ नहीं किया

वहीं जब इस विश्वविद्यालय के लिए भाजपा जिलाध्यक्ष से जानकारी ली गई, तो उन्होंन इस प्रकरण को नया मोड़ देते हुए कहा कि राज्य सरकार और जिला प्रशासन ने फुरसतगंज में इंदिरा गांधी उड्डयन अकादमी की स्थापना के लिए ग्रामसभा की सरकारी जमीन पट्टे पर दिया था। जिसमें उस जमीन को किसी भी व्यक्ति अथवा संस्था को किसी भी प्रकार से देने का अधिकार नहीं था। इंदिरा गांधी उड्डयन अकादमी के अधिकारियों ने उसी जमीन का एक हिस्सा राजीव गांधी विमानन राष्ट्रीय विश्वविद्यालय को दे दिया, जिसमें वह स्थापित है। इसलिए यह बिल्कुल गलत है कि पट्टे पर ली गई जमीन को किसी दूसरी संस्था को पुनः पट्टा नहीं दिया जा सकता है। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि राहुल गांधी अपने आप को बहुत ही ईमानदार छवि का बताते हैं लेकिन उन्होंने राजीव गांधी के नाम पर विमानन विश्वविद्यालय चलाने के लिए गलत तरीके से जमीन हथिया ली। राहुल गांधी अब अमेठी में सिर्फ राजनीति कर रहे हैं।पिछले दस वर्षों में जब मनमोहन सिंह की सरकार थी, तब उन्होंने अमेठी के लिये कुछ नहीं किया।

इस प्रकरण पर कांग्रेस के जिलाध्यक्ष ने कहा कि हमारे सांसद राहुल गांधी जी की देन थी कि एशिया की पहला विमानन विश्वविद्यालय स्थापित किया गया।जिसका पूरी तरीके से भवन बनकर तैयार है लेकिन राजनीतिक द्वेष भावना के चलते अमेठी की सभी योजनाओं को बाधित किया जा रहा है। बीजेपी के जिलाध्यक्ष का जवाब देते हुए उन्होंने बताया कि वह एडवोकेट हैं इसलिए उन्हें हर जगह खसरा और खतौनी ही दिखाई देता है।उन्हें कहीं भी विकास का कार्य नहीं दिखाई देता है।उनको राहुल जी के प्रयास से क्षेत्र प्रदेश व देश के लिए किये गए कार्य नहीँ दिखाई देते हैं। उनके बारे में मै अधिक नही कहना चाहता हूं। वह तो हमेशा असत्य और झूठी बातें ही करते हैं। कांग्रेस के द्वारा किया गया विकास भारतीय जनता पार्टी को रास ही नहीं आता है।