28 जनवरी 2026,

बुधवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

कांग्रेस भी सपा से खफा, राहुल को गठबंधन का नहीं मिला वोट

- कांग्रेस की आंतरिक समीक्षा रिपोर्ट - ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी के दो सचिव केएल शर्मा और जुबेर खान ने तैयार की रिपोर्ट- तैयार की गई अमेठी में राहुल गांधी के हार की समीक्षा रिपोर्ट

2 min read
Google source verification
Rahul Gandhi

कांग्रेस भी सपा से खफा, राहुल को गठबंधन का नहीं मिला वोट

अमेठी. कांग्रेस समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी से नाराज है। कांग्रेस का कहना है कि सपा-बसपा के लोगों ने भाजपा की मदद की। इन दोनों ही दलों का कांग्रेस को अपेक्षित सहयोग नहीं मिल पाया। पार्टी ने यह निष्कर्ष अपने आंतरिक समीक्षा रिपोर्ट में निकाला है।

अमेठी संसदीय सीट पर भाजपा मंत्री स्मृति ईरानी के हाथों पहली बार पराजित होने वाले कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की हार का ठीकरा पार्टी गठबंधन पर फोड़ रही है। राहुल की हार के बाद कांग्रेस और सपा-बसपा के बीच तल्खी बढ़ती जा रही है। कांग्रेस के अपने आंतरिक समीक्षा रिपोर्ट में कहा गया है कि अमेठी में राहुल गांधी के चुनाव में सपा और बसपा ने अपेक्षित सहयोग नहीं किया। यही वजह रही कि राहुल गांधी चुनाव हार गए। कांग्रेस का आरोप है कि सपा-बसपा के लोग भाजपा प्रत्याशी की मदद करते नजर आए।

यह भी पढ़ें : अमेठी से क्यों चुनाव हार गये राहुल गांधी, कमल खिलाने में सफल रहीं स्मृति, ये हैं 6 बड़े कारण

केएल शर्मा और जुबेर खान की रिपोर्ट
सूत्रों के मुताबिक, ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी के दो सचिव केएल शर्मा और जुबेर खान ने यह रिपोर्ट तैयार की है। दोनों नेता हार की वजह जानने के लिए अमेठी पहुंचे थे। इन दोनों नेताओं ने अपनी आंतरिक रिपोर्ट में खुलासा किया है सपा और बसपा का न तो सहयोग मिला और न ही उनका वोट ट्रांसफर हो पाया। उल्टे सपा के कई नेता या तो स्मृति ईरानी के साथ दिखे या फिर चुपचाप घर बैठ गए। रिपोर्ट में कहा गया है सपा में पूर्व मंत्री गायत्री प्रजापति के बेटे अनिल प्रजापति स्मृति ईरानी का प्रचार करते देखे गए, जबकि गौरीगंज के समाजवादी पार्टी के विधायक ने भी राहुल गांधी की मदद नहीं की। कांग्रेस के चुनाव प्रचार में न तो सपा और बसपा के नेता दिखे, न उन्होंने कहीं साझा प्रचार किया, न ही कहीं मंच पर दिखाई दिए। यही वजह है कि सपा और बसपा के वोट बीजेपी को चले गए।

यह भी पढ़ें : मोदी लहर में अपनी पुश्तैनी सीटें भी नहीं बचा पाये यह दिग्गज, भाजपा ने इनके गढ़ में खिलाया कमल

कौन हैं केएल शर्मा और जुबेर खान
केएल शर्मा एआईसीसी में सचिव हैं और रायबरेली में सोनिया गांधी के कार्यालय प्रतिनिधि के तौर पर काम देखते हैं। जबकि, जुबेर खान राजस्थान के अलवर से विधायक रहे हैं। इन्हीं दोनों ने तीन दिनों तक अमेठी में बैठकर हार के कारणों की समीक्षा की।

यह भी पढ़ें : चुनाव परिणाम के बाद बसपा की बैठक में मायावती ने लिया बड़ा फैसला, सपा से गठबंधन जारी रखने पर कही यह बात