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कमलेश तिवारी हत्याकांड से अमेठी में बढ़ा तनाव, हिंदू संगठन ने खुलेआम दी बड़ी धमकी

- कमलेश तिवारी की हत्या से अमेठी में तनाव का माहौल - हिंदू संगठन ने किया प्रदर्शन

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कमलेश तिवारी हत्याकांड से अमेठी में बढ़ा तनाव, हिंदू संगठन ने खुलेआम दी बड़ी धमकी

कमलेश तिवारी हत्याकांड से अमेठी में बढ़ा तनाव, हिंदू संगठन ने खुलेआम दी बड़ी धमकी

अमेठी. लखनऊ में हिंदूवादी नेता कमलेश तिवारी की हत्या से प्रदेश में तनाव का माहौल है। वहीं, केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी का संसदीय क्षेत्र अमेठी भी इससे अछूता नहीं है। कमलेश तिवारी के परिवार को न्याय दिलाने के लिए हिंदू संगठन ने प्रदर्शन किया। अमेठी रेलवे स्टेशन पर हिंदूवादी संगठन ने एकत्रित होकर उत्तर प्रदेश सरकार से न्याय की गुहार लगाई।

अमेठी रेलवे स्टेशन के बाहर दर्जनों की संख्या में एकत्रित लोग तहसील परिसर पहुंचे। पर्चे पर लिखा था- 'कमलेश तिवारी के हत्यारों को फांसी दो।'समाज के लोगों से अपील की गई की इस तरह की घटनाओं का खुला विरोध करें ताकि घर परिवार सुरक्षित रहें। अमेठी तहसील पहुंचकर लोगों ने राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन जिला अधिकारी के माध्यम से भेजने के लिए उप जिलाधिकारी अमेठी को प्रदान किया। ज्ञापन में लिखा था- 'जो भी हिंदू नेता अपने धर्म की बात करता है या आगे रखने का प्रयास करता है, उसको विधर्मियों द्वारा मार दिया जाता है। सरकार हाथ पर हाथ रखे सिर्फ जांच कराती रहती है। विगत दिनों में हिंदू कार्यकर्ताओं में जैसे टांडा में रामबाबू हत्याकांड की जांच आज तक चल रही। लेकिन अब तक अपराधियों को सजा अभी तक नहीं मिल पाई है। उसी तरह कमलेश तिवारी हिंदुओं के बड़े नेता थे । वह अपनी पार्टी "हिंदू समाजवादी पार्टी" के अध्यक्ष थे। उनकी सुरक्षा में भी कोई पुख्ता इंतजाम सरकार द्वारा नहीं किए गए थे। लखनऊ जैसे राजधानी में उनकी निर्मम हत्या कर दी जाती है। अपराधियों को सरकार का कोई डर नहीं तथा कानून व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है। इसलिए हम आपसे मांग करते हैं कि- कमलेश तिवारी के हत्यारों को जल्द से जल्द पकड़ा जाए और उन्हें कठोर सजा दिलाई जाए। इसी के साथ उनके परिवार को 50 लाख रूपये का मुआवजा दिया जाए। परिवार के किन्ही दो सदस्यों को सरकारी नौकरी दी जाए। इस तरह के जितने भी नेताओं की हत्या हुई है। उसमें कहीं न कहीं आतंकवादियों का हाथ हो सकता है। इसलिए इनके मुकदमे फास्टट्रैक में चलाए जाएं और मुकदमे को लंबित ना रखा जाए। अगर 48 घंटे के अंदर अपराधियों की गिरफ्तारी नहीं होती है, तो समस्त हिंदू समाज एकत्रित होकर धरना प्रदर्शन तथा आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा।'