अमेठी

Rajiv Gandhi death Anniversary: राजीव हत्या की दोषी नलिनी ने जेल से छूटने के बाद क्या कहा था

Rajiv Gandhi death Anniversary: राजीव गांधी की हत्या के मामले में सभी दोषी अब जेल से रिहा हो चुके हैं। इनमें सबसे अहम एक नाम नलिनी का है।

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May 21, 2023
नलिनी मुरुगन 32 साल जेल में रहने के बाद 2022 में रिहा हुई हैं।

Rajiv Gandhi death Anniversary: पूर्व पीएम राजीव गांधी की हत्या के मामले में अब कोई जेल में नहीं है। बीते साल नवंबर उम्रकैद काट रहे रविचंद्रन और नलिनी और आरपी रविचंद्रन समेत सभी 6 दोषियों की रिहा कर दिया गया था। नलिनी 32 साल जेल में रहने के बाद रिहा हुईं तो उन्होंने बाहर आकर इस पूरे मामले पर बात की थी। नलिनी को आत्मघाती दस्ते का सदस्य होने का दोषी पाया गया था और तीन अन्य दोषियों के साथ मौत की सजा सुनाई गई थी। बाद में सजा को उम्रकैद में बदल दिया गया।


नलिनी ने खुद को कहा था बेकसूर
जेल से बाहर आने के बाद नलिनी ने कहा था, "हमारा परिवार तो खुद कांग्रेस का समर्थक रहा है। जब इंदिरा गांधी की हत्या हुई थीं, हमने पूरा दिन कुछ नहीं खाया था। राजीव गांधी की हत्या के बाद तो हमारा पूरा परिवार रोया था लेकिन मुझ पर उनकी ही हत्या का आरोप लग गया। मैं बस इतना जानती हूं कि मैं निर्दोष हूं। मैंने किसी को कोई नुकसान नहीं पहुंचाया है। पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की हत्या के पीछे कौन था, इसमें मैं किसी का नाम नहीं लूंगी। अगर ऐसा करना होता तो फिर मैं 32 सालों तक जेल में नहीं होती।


1991 में हुई थी राजीव गांधी की हत्या

पूर्व पीएम और उस समय अमेठी से सांसद राजीव गांधी की 21 मई, 1991 को तमिलनाडु के श्रीपेरंबदूर में एक चुनावी रैली के दौरान धनु नाम की लिट्टे की एक आत्मघाती हमलावर ने हत्या कर दी थी। हमले में राजीव गांधी और हमलावर धनु समेत 16 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई थी। 45 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए थे। इस केस में निचली अदालत ने 26 दोषियों को मौत की सजा सुनाई थी। 1999 में सुप्रीम कोर्ट ने 19 लोगों को बरी कर दिया और चार अभियुक्तों- नलिनी, मुरुगन, संथन और पेरारिवलन को मौत की सजा सुनाई। तीन लोगों रविचंद्रन, रॉबर्ट पायस और जयकुमार को उम्रकैद की सजा मिली। बाद में जिनको मौत की सजा मिली, उसे भी उम्रकैद में बदल दिया गया। नवंबर 2022 में सभी जेल से छूट गए।

Published on:
21 May 2023 11:39 am
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