
Sanjay Gandhi Hospital: अमेठी में संजय गांधी अस्पताल को अचानक से बंद कर दिया गया है। इसके बाद से सियासत गरमा गई है। कांग्रेस का आरोप है कि भाजपा सरकार एक ट्रस्ट की ओर से संचालित अस्पताल को निशाना बनाकर राजनीतिक प्रतिशोध कर रही है। बता दें कि सोनिया गांधी और राहुल गांधी अस्पताल के है ट्रस्टी हैं।
क्या है पूरा मामला
4 दिन पहले मुसाफिरखाना के रामशहपुर की दिव्या शुक्ला पथरी का ऑपरेशन कराने के लिए संजय गांधी अस्पताल में आई थी। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, ऑपरेशन के दौरान उसे इंजेक्शन दिया गया, जिससे उसकी हालत खराब हो गई और वह कोमा में चली गई। उसे लखनऊ रेफर किया गया, लेकिन यहां एक अस्पताल में उसकी मौत हो गई। महिला के परिवारवालों ने अस्पताल पर आरोप लगाया कि ओवरडोज एनेस्थीसिया देने के कारण उसकी मौत हो गई। इसके बाद जमकर बवाल हुआ।
17 सितंबर को FIR और 18 को रद्द हुआ लाइसेंस
स्वास्थ्य मंत्री बृजेश पाठक ने मामले का संज्ञान लिया। 17 सितंबर को इस मामले में FIR दर्ज की गई। पुलिस ने अस्पताल के सीईओ सहित 4 कर्मचारियों के खिलाफ इलाज के दौरान लापरवाही से मौत होने का मामला दर्ज किया। इसके बाद एडिशनल चीफ मेडिकल ऑफिसर की अगुवाई में तीन सदस्यों की एक समिति बनाई गई। 18 सितंबर को अस्पताल का लाइसेंस रद कर दिया गया। बता दें कि अस्पताल प्रशासन को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था लेकिन 24 घंटे के अंदर इसके लाइसेंस को सस्पेंड कर दिया गया.
सोनिया और राहुल गांधी अस्पताल के ट्रस्टी
अस्पताल के बंद होने से वहां के सैकड़ों मरीजों को काफी परेशानी हो रही है। अस्पताल में भारी पुलिस और पीएसी बल तैनात किया गया है। इंदिरा गांधी ने 1982 में इस अस्पताल का शुभारंभ किया था। सोनिया गांधी और राहुल गांधी इस अस्पताल के ट्रस्टी हैं। लाइसेंस कैंसिल होने के बाद सियासत तेज हो गई है। कांग्रेस लगातार बीजेपी पर निशाना साध रही है।
Updated on:
21 Sept 2023 02:53 pm
Published on:
21 Sept 2023 02:52 pm
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