अगार मालवा

डिप्टी कलेक्टर के निर्देश हवा, नहीं सुधरी अस्पताल की व्यवस्थाएं

स्वास्थ्य केंद्र का प्रबंधन भले ही मरीजों और आमजन की समस्याओं को लेकर गंभीर
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patrika
स्वास्थ्य केंद्र का प्रबंधन भले ही मरीजों और आमजन की समस्याओं को लेकर गंभीर

सुसनेर. नगर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का प्रबंधन भले ही मरीजों और आमजन की समस्याओं को लेकर गंभीर हो या न हो किंतु अधिकारियों के निर्देशों को लेकर कितना गंभीर है, इसका अंदाजा आगर डिप्टी कलेक्टर के दौरे के दौरान अस्पताल प्रबंधन के जिम्मेदारों व स्वास्थकर्मियों को मिलने वाले निर्देशों के पालन से लगाया जा सकता है। डिप्टी कलेक्टर के निर्देशों के बाद भी अस्पातल के हालात जस के तस हैं। वार्ड में भर्ती मरीजों व उनके परिजनों को पर्याप्त सुविधाएं नहीं मिल रही हैं।
6 अप्रैल को आगर जिले के डिप्टी कलेक्टर मनीष जैन ने केंद्र का आकस्मिक निरीक्षण किया था। इस दौरान ओपीडी, ओटी, कुपोषण वार्ड, लैब, कोल्ड चेन रूम, अस्पताल परिसर में बनाए जा रहे नवीन प्रसूति भवन को देखा था। डिप्टी कलेक्टर ने पुरुष व महिला वार्ड के समीप बने शौचालयों में गंदगी देखकर सफाई व्यवस्था पर भी नाराजगी जताई थी और प्रबंधन को तुरंत सफाई व्यवस्था सुचारु करवाए जाने के निर्देश दिए थे। सफाईकर्मी को भी फटकार लगाई थी, लेकिन सफाई की समस्या आज भी बनी हुई है। शौचालयों के गेट व नल टूटे हैं, तो रोजना सफाई भी नहीं हो रही है।
वाटर कूलर है फिर पी रहे गर्म पानी
अस्पताल परिसर में मरीजों व उनके परिजनों को गर्मी से राहत दिलाने के लिए वाटर कूलर लगा है किंतु वह लंबे समय से बंद है। इसके चलते मरीजों व अस्पताल में आने जाने वाले लोगों कंठ तर करने के लिए मजबूरन प्लास्टिक की टंकी का गर्म पानी पीना पड़ रहा है। पूरे परिसर में पीने के पानी के लिए केवल यह एक मात्र टंकी है जिस पर नल भी एक ही लगा हुआ है। अस्पताल के कर्मचारी अपने लिए तो पीने का पानी घर से बोतलों में भरकर ले आते हैं किंतु ग्रामीण अंचल से आने वाले मरीज पानी का उपयोग करने को मजबूर हैं।

Published on:
27 Apr 2018 08:02 am