
Coin stuck: बच्चों की छोटी-सी शरारत बड़े हादसे का रूप ले सकती है। ऐसा ही एक मामला मध्यप्रदेश के आगर-मालवा जिले में सामने आया। यहां पर चार वर्षीय नीतेश ने खेल-खेल में 5 का सिक्का निगल लिया। सिक्का गले में फंसते ही बच्चे की हालत बिगड़ गई। उसे घबराहट होने लगी और उल्टियां शुरू हो गई।
परिजन तत्काल निजी अस्पताल लेकर पहुंचे जहां समय रहते चिकित्सकीय हस्तक्षेप होने से उसकी जान बच गई। जानकारी के अनुसार सुसनेर निवासी 4 वर्षीय नीतेश स्कूल में था तभी सिक्का मुंह में डाल लिया। कुछ ही क्षणों में सिक्का गले में फंस गया। इसके बाद बच्चा घबराने लगा, रोने लगा और उल्टियां करने लगा।
अचानक बिगड़ी स्थिति से परिजन घबरा गए और तत्काल सुसनेर अस्पताल लेकर पहुंचे। यहां प्राथमिक उपचार के बाद आगर रैफर किया गया। परिजन बच्चे को लेकर जिला मुख्यालय स्थित एक निजी अस्पताल पहुंचे। यहां चिकित्सकों ने एक्स-रे कराया। इसमें स्पष्ट हुआ कि सिक्का गले में फंसा है। ईएनटी विशेषज्ञ डॉ. अभिषेक पाटीदार ने तुरंत ऑपरेशन का निर्णय लिया और बिना चीरे दूरबीन तकनीक से फंसा सिक्का सुरक्षित निकाल लिया गया।
डॉ. पाटीदार ने बताया छोटे बच्चों में इस तरह की घटनाएं अक्सर लापरवाही या खेल-खेल में हो जाती है लेकिन समय पर उपचार नहीं मिलने पर स्थिति गंभीर हो सकती है। बच्चा सिक्का, बैटरी या छोटी वस्तु निगल ले और सांस लेने में परेशानी, लगातार खांसी, बेचैनी, उल्टी या रोने जैसी स्थिति हो तो घरेलू उपायों में उलझाने के बजाय अस्पताल लाएं। समय पर उपचार मिलने से बड़ी दुर्घटना को टाला जा सकता है।
अगर बच्चा गलती से भी सिक्का निगल लें तो घबराएं नहीं। बच्चों का खेलते-खेलते छोटी चीज़ें जैसे सिक्का निगल लेना एक आम लेकिन गंभीर आपातकाल है। इस स्थिति में शांत रहना और सही कदम उठाना बहुत ज़रूरी है। हड़बड़ी में काम खराब हो सकता है। तुरंत बच्चे को लेकर अस्पताल जाने की कोशिश करें।