अगार मालवा

गलतफहमी दूर करे! सिर्फ केन्द्र से खिताब पाने को हो रही शहर की सफाई

केन्द्र सरकार जनवरी में परखेगी कोटा की सफाई व्यवस्था। फिफ्टी में आने के लिए नगर निगम तैयारी में जुटा, शहर की सफाई के लिए टीम बनाई गई।

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सफाई

केन्द्र सरकार देश के चुनिंदा शहरों की सफाई व्यवस्था को जनवरी माह में फिर परखेगी। शहरों के बीच स्वच्छता रैंकिंग के इस मुकाबले के लिए नगर निगम कोटा प्रशासन ने सफाई का टी-20 प्लान तैयार किया है। केन्द्र सरकार की गाइड लाइन के हिसाब से ही निगम जुटा है। सर्वेक्षण का फोकस घर से कचरा संग्रहण से लेकर उसके निस्तारण तक रहेगा। पिछले साल कोटा रैंकिंग में फिसड्डी रहा था और 434 शहरों के मुकाबले में 341वें पायदान पर आया था। इस बार रैंकिंग सुधारने के लिए निगम प्रशासन पूरी तैयारी कर रहे हैं। इसके लिए अधिकारियों की अलग-अलग टीमों का गठन कर सफाई पर फोकस करने के निर्देश दिए हैं। उप महापौर सुनीता व्यास ने बताया कि लक्ष्य को पाने के लिए शहर को ओडीएफ करने पर जोर है। स्वच्छता जागरूकता के लिए राजस्थान पत्रिका व व्यापार महासंघ के साथ मुहिम चला रहे हैं। रैंकिंग के लिए केन्द्रीय शहरी मंत्रालय की ओर से पिछले तीन साल से चुनिंदा शहरों का स्वच्छता सर्वेक्षण करवाया जाता है। केन्द्र की टीम शहरों में पहुंचकर सफाई व्यवस्थाओं की जांच करती है, उस आधार पर रैंकिंग जारी की जाती है।

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कचरा परिवहन का स्तर

इसमें देखा जाएगा कि घरों से कचरा संग्रहण की क्या व्यवस्था है। प्वाइंट पर कचरा कैसे पहुंचता और परिवहन होता है। निगम की तैयारी :शहर में घर-घर कचरा संग्रहण की योजना लागू की जा रही है। दो दर्जन वार्डों में व्यवस्था लागू हो चुकी है। अन्य वार्डों के लिए टेण्डर जारी हो चुके हैं। कचरे की प्रोसेसिंग और डिस्पोजल-शहर से निकलने वाले कचरे का कैसे उपयोग व निस्तारण किया जाता है। निगम की तैयारी : फिलहाल कचरे का प्रोसेसिंग और डिस्पोजल नहीं किया जाता। कचरा प्वाइंट से कचरा ट्रेंचिंग ग्राउण्ड पर खाली होता है। अब कचरे से बिजली बनाने का प्लांट लगाने के लिए निविदाएं जारी की हैं।

कचरे का वर्गीकरण होता है या नहीं-गीला-सूखा कचरा अलग-अलग संग्रहित होता है या नहीं। होता है तो उसका निस्तारण कैसे करते हैं। निगम की तैयारी: शहर में दो साल पहले एसएलआरएम प्रोजेक्ट के तहत गीला-सूखा कचरा संग्रहण की व्यवस्था लागू की थी, लेकिन पार्षदों ने इसे नहीं चलने दिया। अब वापस योजना चालू करने की तैयारी में है। स्वच्छता के लिए शहर की जनता, जनप्रतिनिधियों, विद्यार्थियों को कैसे जागरुक करते हैं। निगम की तैयारी: निगम की ओर से अगले माह से व्यापक स्तर पर स्वच्छता के लिए जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। जनप्रतिनिधियों को भी इससे जोड़ा जाएगा।

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कचरा परिवहन वाहनों पर जीपीएस सिस्टम लागू करना जरूरी। बस स्टैण्ड, स्टेशन, धार्मिक एवं एेतिहासिक स्कूलों की स्थिति। सामुदायिक शौचालय कितने हैं, उनकी क्या स्थिति है। सफाई कर्मचारियों की उपस्थिति की क्या व्यवस्था, बायोमैट्रिक मशीन से उपस्थिति जरूरी।शहर के बाजारों, मॉल, सिनेमाघरों में सफाई कैसी है, क्या सिस्टम है।शहर खुले से शौच मुक्त है या नहीं। स्वच्छ भारत मिशन के तहत कितने शौचालय बने। स्वच्छता का संदेश देने के लिए शहर में पेटिंग्स करवाई है या नहीं।

स्वच्छता सर्वेक्षण के मद्देनजर निगम ने तैयारी शुरू

महापौर महेश विजय का कहना है कि स्वच्छता सर्वेक्षण के मद्देनजर निगम ने तैयारी शुरू कर दी है। संग्रहण से लेकर ट्रेंचिंग ग्राउण्ड तक कचरा पहुंचाने पर निगरानी की व्यवस्था लागू की जा रही है। हूपर खरीदने की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। इससे घर-घर कचरा संग्रहण किया जाएगा। एक-दो दिन में बैठक कर सर्वेक्षण पर फोकस किया जाएगा। नगर निगम आयुक्त डॉ. विक्रम जिंदल ने कहा कि हमारा प्रयास है कि देश के प्रथम पचास शहरों में कोटा को शामिल करवाया जाए। इस लक्ष्य को लेकर काम कर रहे हैं। निगम अधिकारियों व कर्मचारियों की टीम बनाई है। टीम सफाई व्यवस्था पर फोकस होकर काम करेगी। प्वॉइंटों से लेकर उठाव तक निगरानी रखी जाएगी।

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Published on:
14 Nov 2017 01:51 pm
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