
प्रधानमंत्री ग्रामीण डिजिटल साक्षरता अभियान
प्रधानमंत्री ग्रामीण डिजिटल साक्षरता अभियान के तहत कोटा जिले में 200 केन्द्रों पर प्रशिक्षण दिया जा रहा है। अभियान के तहत पूरे देश में 6 करोड़ लोगों को साक्षर करने का लक्ष्य रखा गया है। वहीं राजस्थान में यह संख्या 7 लाख और कोटा जिले में 56 हजार है। पिछले पांच माह में 21 हजार लोगों का पंजीयन हुआ। इनमें करीब 10 हजार लोगों ने डिजिटल साक्षरता कोर्स कर परीक्षा उत्तीर्ण की है। ग्रामीण डिजिटल साक्षरता अभियान दुनिया का सबसे बड़ा डिजिटल साक्षरता कार्यक्रम है। चालू वित्तीय वर्ष के खत्म होने तक 25 लाख लोगों को डिजिटल साक्षर हो जाएंगे। वहीं वर्ष 2017-18 के अंत तक 2.75 करोड़ को लोगों को प्रशिक्षित किया जाएगा और बाद में वित्तीय वर्ष 2018-19 में 3 करोड़ लोगों को प्रशिक्षित किया जायेगा।
कैशलेस लेनदेन का भी प्रशिक्षण
अभियान को संचालित करने वाली कम्पनी सीएससी के प्रांतीय निदेशक आशीष पंवार ने बताया कि अभियान के माध्यम से डिजिटल भारत के उद्देश्य को पूरा करने में मदद मिलेगी। साक्षर लोगों को ऑनलाइन कैशलेस लेनदेन के बारे में भी प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इससे केन्द्र सरकार की कैशलेस भारत पहल में भी योगदान मिलेगा। लोगों को मोबाइल बैंकिंग और इंटरनेट बैंकिंग का उपयोग करने में सक्षम किया जा रहा है।
गांव से शहर तक के लोगों को तकनीक से जोड़ेंगे
नयापुरा स्थित सूचना केन्द्र में रविवार को प्रधानमंत्री ग्रामीण डिजिटल साक्षरता अभियान के लाभार्थियों का अभिनंदन समारोह आयोजित किया गया। मुख्य अथिति सांसद ओम बिरला थे। अध्यक्षता विधायक संदीप शर्मा ने की। कार्यक्रम में नगर विकास न्यास अध्यक्ष आर.के. मेहता भी मौजूद रहे। इस मौके पर सांसद ने कहा कि प्रधानमंत्री की ओर से डिजिटल साक्षरता अभियान नए भारत का निर्माण की दिशा में बड़ी पहल है। शहर से गांव तक हर व्यक्ति को डिजिटल साक्षर बनाने के साथ ही तकनीक से जोड़ा जाएगा।
Published on:
13 Nov 2017, 4:23 PM IST
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