Boyfriend Sell Girlfriend: यूपी के बांदा से झकझोरने वाली घटना सामने आई है। बांदा निवासी दिव्यांग ‘शहजादी' को आगरा के लड़के ने फेसबुक के माध्यम से प्रेमजाल में फंसाया। इसके बाद इलाज के बहाने उसे दुबई में बेच दिया। अब दुबई में उसे फांसी की सजा सुनाई गई है। आइए जानते हैं पूरा मामला…
Boyfriend Sell Girlfriend: प्यार, धोखा और अब फांसी की सजा। बांदा की रहने वाली युवती शहजादी को नाई की मंडी के उजैर ने प्यार के जाल में फंसाया और फिर अबूधाबी अपनी फूफी के यहां नौकरानी बनाकर भेज दिया। फूफी के बेटे की मौत हुई तो शहजादी पर मुकदमा कराया गया। कोर्ट ने उसे फांसी की सजा सुनाई है। बेटी को फांसी के फंदे से बचाने के लिए परिवार ने बांदा कोर्ट में गुहार लगाई। इसके बाद सीजेएम कोर्ट के आदेश पर उजैर और उसके रिश्तेदारों पर मुकदमा दर्ज किया गया है।
आगरा के नाई की मंडी क्षेत्र के रहने वाले उजैर की इंटरनेट मीडिया पर बांदा के गोयरा मुगली गांव की शहजादी से पहचान हुई थी। दोनों में प्रेम हो गया और बात शादी तक पहुंच गई। उजैर ने उसे शादी के लिए आगरा बुलाया। इसके बाद आना-जाना चलता रहा। बांदा कार्यालय के अनुसार शहजादी के पिता शब्बीर ने बताया कि अबू धाबी में उजैर की फूफी एक कालेज में प्रोफेसर हैं।
साजिश के तहत उजैर ने शहजादी का पासपोर्ट और वीजा बनवाया। उसका एटीएम कार्ड व अन्य दस्तावेज भी रख लिए। इसके बाद उजैर ने फूफी के यहां नौकरी के नाम पर शहजादी को बेच दिया। उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष उजैर की फूफी के यहां छोटे बेटे की मौत वैक्सीन की ओवरडोज लगने के कारण हो गई थी। उन्होंने मौत का झूठा आरोप बेटी पर मढ़ दिया। जिस पर शहजादी पिछले डेढ़ साल से वहां अल बतवा जेल में बंद है।
शहजादी को रिहा कराने के लिए परिजन कई बार आगरा गए थे, लेकिन उजैर और उसके परिवार के लोगों ने मिलने तक से इन्कार कर दिया। उधर कोर्ट ने शहजादी को फांसी की सजा सुनाई। शब्बीर कहते हैं कि उजैर की फूफी का परिवार अगर सजा माफी के लिए अपील कर दे तो बेटी को राहत मिल सकती है। बांदा एसपी अंकुर अग्रवाल ने बताया कि शहजादी के स्वजन की शिकायत को केंद्र सरकार के पास भेजा जाएगा।
इस मामले में आगरा के उजैर का कहना है कि नौकरी की जरूरत होने पर युवती को अबूधाबी में फूफी नादिरा के घर भेजा था। वहां शहजादी ने फूफी के चार माह के बेटे की हत्या कर दी। युवती के स्वजन कह रहे हैं कि फूफी और फूफा से शहजादी के पक्ष में लिखवाकर दे। इससे कोर्ट में राहत मिल जाएगी। शहजादी के परिवार ने पुलिस से भी शिकायत की थी, लेकिन आरोप गलत पाए गए। उजैर ने बताया कि उसने भी पुलिस आयुक्त कार्यालय में अप्रैल 2023 में शिकायत की थी। जिस पर जांच चल रही है।
शहजादी के परिजनों ने बताया कि कोर्ट के आदेश पर बांदा पुलिस ने उजैर, उसकी फूफी नादिरा, फूफा मोहम्मद फैज समेत चार लोगों के खिलाफ मानव तस्करी, धोखाधड़ी व अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए हैं। मोहम्मद फैज का घर ताजगंज थाना क्षेत्र के ताजनगरी फेज वन में है। बांदा के मंटौन थानाध्यक्ष राममोहन राय ने बताया कि मानव तस्करी और धोखाधड़ी में उबैर सहित चार के विरुद्ध केस दर्ज कर लिया गया है।
बांदा के मंटौध थानाक्षेत्र के गोयरा मुगली निवासी पीड़िता पिता शब्बीर ने बताया कि उनकी बेटी शहजादी बचपन में आग से झुलस गई थी। इस वजह से शारीरिक रूप से दिव्यांग है। वह बांदा की रोटी बैंक नामक संस्था में जुड़कर समाजसेवा का कार्य करती थी। फेसबुक के जरिए दूसरी संस्था में काम कर रहे नाई की मंडी आगरा निवासी उजैर के संपर्क में आ गई। उजैर उसे नवंबर 2021 को इलाज कराने के बहाने आगरा ले गया। वहां से उसे बहला फुसलाकर दुबई भेज दिया।
जेल में बंद शहजादी ने फोन पर बताया कि उजैर ने उसे इलाज कराने के बहाने दुबई में रहने वाले नाई मंडी आगरा निवासी फैज अहमद और उसकी पत्नी नादिया को बेच दिया। दो साल तक फैज, उसकी पत्नी नादिया, मां अंजुमन, भाई नदीर अहमद उसे प्रताड़ित करते रहे। विरोध पर फैज ने बेटे की हत्या में उसे फंसा दिया। पीड़िता पिता का कहना है कि दुबई जेल में बंद उनकी बेटी ने बताया है कि फैज के सात साल बेटे की गलत इलाज के कारण मौत हुई थी।
शहजादी ने फोन पर बताया कि दुबई में फैज, उसकी पत्नी, मां, भाई उसे कमरे में बंद कर सीसीटीवी कैमरे के सामने निर्वस्त्र कर देते थे। उसका क्लिप मोबाइल फोन पर देखते थे। कई बार तो क्लिप अश्लील साइट पर अपलोड करने की धमकी भी दी। विरोध करने पर कोड़े मारते थे। खाना नहीं देते थे। अनजान शहर में वह उनका जुल्म व सितम चुपचाप सहती रही। अतत: उसे हत्या के झूठे इल्जाम में फंसा दिया।
बांदा के मटौंध थाना क्षेत्र के गोयरा मुगली गांव स्थित मकान में गुमसुम बैठे शहजादी के माता-पिता फोन की घंटी बजते ही चैतन्य हो गए। फोन पर बेटी की आवाज सुनकर मां नाजरा खातून की आंखों में आंसू आ गए और गला भर आया। इस पर पिता शब्बीर ने मोबाइल हाथ में ले लिया और बेटी से बात की। इस दौरान वह भी फफककर रो पड़े। पिता ने बेटी का हाल जाना।
बांदा निवासी शब्बीर के सात बच्चे हैं। बड़ी बेटी रूबी, फिर बेटा शमशेर, तनवीर, बेटी शबाना और पांचवें नंबर की शहजादी है। इनके बाद भाई शहबाज और स्माइल हैं। शहबाज और इस्माइल मुंबई में काम करते हैं। पिता शब्बीर गांव में रहकर खेती-किसानी करते हैं। उनके पास 20 बीघा जमीन है। दो बेटियों की शादी में 27 बीघा जमीन बेच दी थी। शब्बीर ने दुबई जेल में बंद बेटी को भरोसा दिलासा दिया कि वह परेशान न हो, अल्लाह ताला मुसीबतों से बाहर निकालेगा।
पीड़ित पिता का कहना है कि उजैर ने उनकी बेटी का वीजा बनवाया और बहला फुसला कर दुबई में रह रहे आगरा निवासी दंपति फैज अहमद और नादिया के हाथों बेच दिया। उजैर ने बेटी के गहने, दिव्यांग कार्ड, एटीएम आदि अपने पास रख लिए। बेटी का बैंक में जमा सारा पैसा, दिव्यांग पेंशन आदि एटीएम से निकाल ली। उधर, दुबई में कुछ दिन बाद फैज के सात वर्षीय बेटे की गलत इलाज के कारण मौत हो गई।
पीड़ित पिता का कहना है कि दुबई में फैज ने बेटी को हत्या के मामले में फंसा दिया। वहां की अदालत ने बेटी को दोषी ठहराते हुए फांसी की सजा सुनाई है। वह मौजूदा समय में जेल में है। वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषार दीक्षित ने बताया कि सीजेएम भगवान दास गुप्ता ने मामले को गंभीर अपराध मानते हुए मटौंध थाना पुलिस को मानव व्यापार, धोखाधड़ी आदि में फैज, पत्नी नादिया, फैज की मां अंजुम सहाना बेगम, उजैर के खिलाफ केस दर्ज कर विवेचना के आदेश दिए हैं।
-आगरा से प्रमोद कुशवाह की रिपोर्ट