Agra News: आगरा में एक नवविवाहिता ने अपने पति पर समलैंगिक संबंध छिपाकर शादी करने और दहेज के लिए प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है।
Husband Gay Dowry Case Agra: आगरा में एक नवविवाहिता की शादी उस समय टूटने के कगार पर पहुंच गई, जब उसे अपने पति की कथित दोहरी जिंदगी के बारे में पता चला। महिला का आरोप है कि शादी के बाद से ही पति उससे दूरी बनाकर रखता था और सुहागरात पर भी उसने शारीरिक संबंध बनाने से इंकार कर दिया। शुरुआत में पति ने एक-दूसरे को समझने का हवाला दिया, लेकिन समय बीतने के बाद भी जब उसका व्यवहार नहीं बदला तो पत्नी को शक होने लगा। बाद में पति के मोबाइल फोन में मिले चैट और तस्वीरों ने महिला को पूरी तरह हिला दिया।
पीड़िता के अनुसार, जब उसने पति का मोबाइल चेक किया तो उसमें 200 से अधिक युवकों के साथ निजी चैट मिलीं। आरोप है कि पति लड़की बनकर सोशल मीडिया और मैसेजिंग ऐप्स पर लड़कों से बातचीत करता था। महिला का कहना है कि कई चैट में संबंध बनाने और पैसों के लेन-देन जैसी बातें भी सामने आईं। यह सब देखकर पत्नी के पैरों तले जमीन खिसक गई। उसने तुरंत इस बारे में अपने सास-ससुर को जानकारी दी, लेकिन वहां से उसे सहयोग मिलने के बजाय नए विवाद का सामना करना पड़ा।
महिला ने आरोप लगाया कि जब उसने पति की गतिविधियों पर सवाल उठाए तो ससुराल पक्ष ने दहेज की मांग शुरू कर दी। सास, ससुर, ननद और नंदोई ने कथित तौर पर कार और पांच लाख रुपये नकद की मांग की। पीड़िता का कहना है कि उससे कहा गया कि रकम मिलने पर ही पति का इलाज कराया जाएगा। महिला का आरोप है कि परिवार को पहले से पति की वास्तविकता की जानकारी थी, लेकिन दहेज पाने के लालच में शादी कराई गई।
पीड़िता ने बताया कि शादी के शुरुआती दिनों से ही उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जाने लगा। पति उससे दूरी बनाए रखता था और जब उसने खुद रिश्ते को सामान्य बनाने की कोशिश की तो पति ने उसे धक्का देकर अलग कर दिया। महिला के मुताबिक पति ने साफ कहा कि उसे वैवाहिक जीवन में कोई रुचि नहीं है और उसकी दिलचस्पी सिर्फ पैसों में है। इसके बाद ससुराल वालों ने भी उसे ताने देने शुरू कर दिए।
महिला का आरोप है कि जब उसने पति की कथित गतिविधियों का विरोध किया तो उसके साथ मारपीट की गई। उसे कमरे में बंद कर दिया गया और गालियां दी गईं। पीड़िता का कहना है कि पति ने उसे अपने दोस्तों के पास भेजने तक की धमकी दी। डर और तनाव के माहौल में रह रही महिला ने किसी तरह अपने मायके वालों को सूचना दी। इसके बाद उसके परिजन उसे अपने साथ घर ले आए।
महिला 5 मई 2025 को मायके लौट आई। उसका आरोप है कि उसके जेवर, कपड़े और अन्य सामान अभी भी ससुराल पक्ष के कब्जे में हैं। परिवार और पंचायत स्तर पर समझौते की कई कोशिशें की गईं, लेकिन कोई समाधान नहीं निकल सका। आखिरकार पीड़िता ने महिला थाना रकाबगंज और पुलिस आयुक्त कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई।
मामला बढ़ने पर पीड़िता ने न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। महिला ने अपने पति समेत ससुराल पक्ष के छह लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने की मांग की। न्यायालय के आदेश के बाद थाना एकता पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस अब दहेज उत्पीड़न, मारपीट, धमकी और अन्य आरोपों की जांच कर रही है।