Agra Prince Murder Case: आगरा के किरावली में 13 वर्षीय प्रिंस हत्याकांड का चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। पुलिस जांच में सामने आया कि पड़ोसी और दोस्त रहे नाबालिग ने कथित तौर पर रोज-रोज के अपमान और गाली-गलौज से तंग आकर हत्या की वारदात को अंजाम दिया। जानिए दोस्ती से दुश्मनी तक पहुंची इस दर्दनाक कहानी की पूरी सच्चाई।

Agra Murder Case Update: आगरा के किरावली में 13 वर्षीय प्रिंस हत्याकांड का खुलासा होने के बाद एक ऐसी कहानी सामने आई है, जिसने हर किसी को सोचने पर मजबूर कर दिया है। जिस नाबालिग पर प्रिंस की हत्या का आरोप है। वह कोई अजनबी नहीं बल्कि उसका पड़ोसी और दोस्त था। पुलिस जांच में सामने आया कि लगातार अपमान और गाली-गलौज से उपजा गुस्सा एक ऐसी वारदात में बदल गया, जिसने एक मां की गोद सुनी कर दी।
आगरा जिले के किरावली थाना क्षेत्र में 14 जून को रेलवे स्टेशन के पीछे झाड़ियों में मिले 13 वर्षीय प्रिंस के शव ने पूरे इलाके को झकझोर दिया था। शुरुआत में यह मामला एक रहस्यमयी हत्या जैसा लग रहा था, लेकिन पुलिस ने महज 24 घंटे के भीतर जिस सच का खुलासा किया। वह समाज और अभिभावकों दोनों के लिए चिंता का विषय बन गया है। पुलिस के अनुसार, हत्या का आरोप प्रिंस के ही एक नाबालिग पड़ोसी दोस्त पर है। जांच में सामने आया कि दोनों एक-दूसरे को लंबे समय से जानते थे। अक्सर साथ समय बिताते थे। लेकिन इसी दोस्ती के बीच कथित तौर पर अपमान, गाली-गलौज और तानों का सिलसिला शुरू हुआ। जिसने आरोपी के मन में गहरी नाराजगी पैदा कर दी।
पुलिस पूछताछ में बाल अपचारी ने बताया कि वह कई बार प्रिंस को ऐसा व्यवहार करने से रोकने की कोशिश करता रहा। लेकिन जब उसे लगा कि उसकी बात नहीं सुनी जा रही है तो उसके भीतर बदले की भावना घर कर गई। घटना वाले दिन उसने प्रिंस को बहाने से रेलवे स्टेशन के पीछे सुनसान इलाके में बुलाया। वहां दोनों के बीच फिर कहासुनी हुई और गुस्से में उसने ईंट से हमला कर दिया।
इस घटना ने सिर्फ एक बच्चे की जान नहीं ली। बल्कि दो परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया है। एक तरफ प्रिंस के परिजन अपने बेटे को खोने के दर्द से गुजर रहे हैं। तो दूसरी तरफ आरोपी का परिवार भी इस बात से टूट चुका है। कि उनका बेटा अब एक गंभीर आपराधिक मामले में घिर गया है।
लोगों का कहना है कि बच्चों के बीच होने वाले विवाद, अपमान और मानसिक दबाव को अक्सर मामूली समझकर नजरअंदाज कर दिया जाता है। लेकिन कई बार यही छोटी दिखने वाली बातें गंभीर परिणामों का कारण बन जाती हैं। प्रिंस हत्याकांड भी ऐसे ही सवाल छोड़ गया है कि क्या हम बच्चों की भावनाओं, उनके गुस्से और मानसिक तनाव को समय रहते समझ पा रहे हैं। फिलहाल पुलिस ने आरोपी बाल अपचारी को पकड़ लिया है। और मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है। लेकिन यह घटना समाज के सामने बच्चों के व्यवहार और संवाद की कमी को लेकर एक बड़ा सवाल जरूर खड़ा कर गई है।
पुलिस कमिश्नर आगरा दीपक कुमार ने बताया कि दिनांक 14 जून को सूचना प्राप्त हुई की रेलवे स्टेशन के पीछे एक बालक घायल अवस्था में पड़ा है। इस सूचना पर पुलिस उसे हॉस्पिटल ले गई। जहां पर डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। 15 जून को परिवार से तहरीर प्राप्त होने के बाद घटना का खुलासा करने के लिए पुलिस की 6 टीमें लगाई गई। टीम ने पूरे घटनाक्रम का बहुत ही गहनता के साथ जांच किया। जिसमें पता चला कि पड़ोस का रहने वाला उसका दोस्त अपमान का बदला लेने के लिए पेड़ से पतंग उतारने के बहाने ले गया। और फिर उसकी ईट से कूच कर हत्या कर दी।