Agra News: आगरा में भीषण गर्मी और हीटवेव के खतरे को देखते हुए प्रशासन ने नर्सरी से 12वीं तक के सभी स्कूल बंद करने का आदेश जारी किया है। जानिए कब तक रहेगी छुट्टी, कितना पहुंचा तापमान और मौसम विभाग ने क्यों जारी किया अलर्ट।
School Closed Agra:उत्तर प्रदेश के आगरा जिले में भीषण गर्मी ने लोगों का जनजीवन पूरी तरह प्रभावित कर दिया है। लगातार बढ़ते तापमान और हीटवेव के खतरे को देखते हुए जिला प्रशासन ने बड़ा फैसला लिया है। जिलाधिकारी के निर्देश पर नर्सरी से लेकर 12वीं तक के सभी स्कूलों को बंद रखने के आदेश जारी कर दिए गए हैं। यह फैसला बच्चों की सुरक्षा और स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए लिया गया है, क्योंकि शहर में इन दिनों आसमान से मानो आग बरस रही है और तेज धूप के चलते लोग घरों से निकलने से बच रहे हैं।
भारतीय मौसम विभाग की ओर से आगरा में अगले 24 घंटों के दौरान भीषण हीटवेव और प्रतिकूल मौसम की चेतावनी जारी की गई थी। इसके बाद प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया। लोगों के मोबाइल फोन पर भी अलर्ट संदेश भेजे गए, जिसमें तेज गर्मी और लू से बचने की सलाह दी गई। मौसम विभाग ने खासतौर पर बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों को दोपहर के समय बाहर न निकलने की चेतावनी दी है। इसी गंभीर स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन ने तत्काल प्रभाव से स्कूलों की छुट्टी घोषित कर दी।
जिला विद्यालय निरीक्षक द्वारा जारी आदेश के अनुसार यह निर्देश राजकीय, सहायता प्राप्त, वित्तविहीन और सभी बोर्डों से मान्यता प्राप्त विद्यालयों पर लागू होंगे। आदेश के तहत नर्सरी से 12वीं तक की सभी कक्षाओं का संचालन 19 मई को पूरी तरह बंद रहेगा। प्रशासन ने साफ कहा है कि यदि कोई विद्यालय आदेश का उल्लंघन करता पाया गया तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इस फैसले के बाद अभिभावकों ने भी राहत महसूस की है, क्योंकि भीषण गर्मी में बच्चों का स्कूल जाना उनके स्वास्थ्य के लिए खतरनाक साबित हो सकता था।
सोमवार को आगरा का अधिकतम तापमान 44.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 3.6 डिग्री अधिक रहा। वहीं न्यूनतम तापमान भी बढ़कर 27.8 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया, जो सामान्य से 2.3 डिग्री अधिक रिकॉर्ड किया गया। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले दिनों में गर्मी और बढ़ सकती है। तेज धूप, गर्म हवाएं और उमस के कारण लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। डॉक्टरों ने लोगों को पर्याप्त पानी पीने, धूप में बाहर निकलने से बचने और शरीर को हाइड्रेट रखने की सलाह दी है।
स्कूल बंद होने के फैसले से अभिभावकों ने राहत की सांस ली है। कई अभिभावकों का कहना है कि पिछले कुछ दिनों से तेज गर्मी के कारण बच्चों की तबीयत खराब होने की घटनाएं बढ़ रही थीं। सुबह से ही तेज धूप और गर्म हवाओं के चलते छोटे बच्चों को स्कूल भेजना चिंता का विषय बन गया था। प्रशासन के इस फैसले को बच्चों की सुरक्षा के लिहाज से बेहद जरूरी और सराहनीय कदम माना जा रहा है।