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आगरा के SN मेडिकल कॉलेज में रोबोटिक सर्जरी, अब 58 हजार में होगा हाईटेक ऑपरेशन, मरीजों को मिलेगी राहत

Agra News: आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज में जल्द रोबोटिक सर्जरी की सुविधा शुरू होने जा रही है। मरीजों को अब 58 हजार रुपये से हाईटेक ऑपरेशन की सुविधा मिलेगी।

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May 16, 2026
आगरा के SN मेडिकल कॉलेज में रोबोटिक सर्जरी

SNMC Robotic Surgery Agra: आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज में अब मरीजों को आधुनिक रोबोटिक सर्जरी की सुविधा मिलने जा रही है। हार्ट बाईपास सर्जरी और एंजियोप्लास्टी जैसी सुविधाओं के बाद मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने रोबोटिक सर्जरी शुरू करने की तैयारी तेज कर दी है। इस सुविधा के शुरू होने से कैंसर, गुर्दा, लिवर, आंत और बच्चेदानी जैसी जटिल बीमारियों के ऑपरेशन अधिक सटीक और सुरक्षित तरीके से किए जा सकेंगे। खास बात यह है कि मरीजों को यह सुविधा निजी अस्पतालों की तुलना में लगभग आधी कीमत पर उपलब्ध होगी।

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केजीएमयू लखनऊ की तर्ज पर तय होंगे रेट

एसएन मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने बताया कि रोबोटिक सर्जरी के शुल्क लखनऊ के केजीएमयू के समान रखे जाएंगे। शुरुआती स्तर पर मरीजों को 58 हजार रुपये से लेकर लगभग एक लाख रुपये तक में रोबोटिक सर्जरी की सुविधा मिल सकेगी। दो पोर्ट इस्तेमाल होने वाली सर्जरी का शुल्क करीब 58,100 रुपये होगा, जबकि तीन और चार पोर्ट वाली जटिल सर्जरी के लिए क्रमशः 79,620 रुपये और 1,08,810 रुपये तक खर्च आएगा। इससे आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों को भी आधुनिक चिकित्सा का लाभ मिल सकेगा।

28 करोड़ रुपये के दा विंची रोबोट का प्रस्ताव भेजा गया

रोबोटिक सर्जरी शुरू करने के लिए एसएन मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने शासन को 28 करोड़ रुपये के दा विंची रोबोट खरीदने का प्रस्ताव भेजा है। दा विंची रोबोट दुनिया की अत्याधुनिक सर्जिकल तकनीकों में शामिल माना जाता है। इस मशीन के जरिए डॉक्टर बेहद सटीक तरीके से ऑपरेशन कर सकते हैं, जिससे मरीज को कम दर्द, कम रक्तस्राव और तेजी से रिकवरी जैसी सुविधाएं मिलती हैं।

डॉक्टरों और जूनियर डॉक्टरों को दिया गया विशेष प्रशिक्षण

रोबोटिक सर्जरी की शुरुआत से पहले अमेरिकन इंट्यूटिव सर्जिकल कंपनी की मोबाइल लैब एसएन मेडिकल कॉलेज पहुंची, जहां डॉक्टरों और जूनियर डॉक्टरों को दा विंची सर्जिकल सिस्टम का प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण कार्यक्रम में सर्जरी विभाग, स्त्री रोग विभाग और सुपरस्पेशियलिटी विंग के डॉक्टरों ने हिस्सा लिया। एसोसिएशन ऑफ सर्जन्स ऑफ आगरा के सदस्य सर्जन भी इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में शामिल हुए। डॉक्टरों को रोबोटिक आर्म्स के संचालन और थ्री-डी मॉनिटरिंग सिस्टम की जानकारी दी गई।

प्राचार्य ने खुद देखा रोबोटिक सिस्टम का प्रदर्शन

एसएन मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. प्रशांत गुप्ता ने बताया कि उन्होंने खुद रोबोटिक सिस्टम के कंसोल पर बैठकर इसकी कार्यप्रणाली को देखा। उन्होंने बताया कि रोबोटिक आर्म्स को शरीर के अंदर पोर्ट के माध्यम से डाला जाता है और थ्री-डी मॉनिटर पर बेहद स्पष्ट तरीके से ऑपरेशन की प्रक्रिया दिखाई देती है। इस तकनीक से ऑपरेशन की सटीकता कई गुना बढ़ जाती है।

कैंसर के मरीजों को होगा बड़ा लाभ

रोबोटिक सर्जरी तकनीक का सबसे अधिक फायदा कैंसर और अन्य जटिल बीमारियों से जूझ रहे मरीजों को मिलेगा। डॉक्टरों के अनुसार इस तकनीक में शरीर से खून बहुत कम निकलता है, संक्रमण का खतरा घटता है और मरीज जल्दी स्वस्थ होकर सामान्य जीवन में लौट सकता है। इसके अलावा भविष्य में घुटना प्रत्यारोपण जैसी जटिल सर्जरी भी रोबोट की मदद से की जा सकेगी।

रोजाना 50 से ज्यादा मरीजों की होती है सर्जरी

एसएन मेडिकल कॉलेज में वर्तमान समय में प्रतिदिन 50 से अधिक मरीजों की सर्जरी की जाती है। इनमें सड़क दुर्घटनाओं और गंभीर बीमारियों से जुड़े मरीज भी शामिल होते हैं। रोबोटिक सर्जरी शुरू होने के बाद ऑपरेशन की गुणवत्ता और सफलता दर में सुधार होने की उम्मीद जताई जा रही है।

मई अंत तक शुरू होगी गुर्दा प्रत्यारोपण सुविधा

एसएन मेडिकल कॉलेज में गुर्दा प्रत्यारोपण की तैयारी भी अंतिम चरण में पहुंच गई है। कॉलेज प्रशासन के अनुसार एक मरीज और गुर्दा दान करने वाले स्वजन के दस्तावेजों का सत्यापन पूरा हो चुका है। डॉक्टरों की टीम को केजीएमयू लखनऊ में विशेष प्रशिक्षण भी दिया गया है। प्राचार्य डॉ. प्रशांत गुप्ता ने बताया कि मई के अंत तक गुर्दा प्रत्यारोपण की सुविधा शुरू कर दी जाएगी। फिलहाल 10 मरीजों का पंजीकरण किया जा चुका है।

आगरा के मरीजों को मिलेगा फायदा

रोबोटिक सर्जरी और गुर्दा प्रत्यारोपण जैसी सुविधाएं शुरू होने से अब आगरा और आसपास के जिलों के मरीजों को दिल्ली या लखनऊ जैसे बड़े शहरों की ओर नहीं भागना पड़ेगा। कम खर्च में आधुनिक इलाज मिलने से हजारों मरीजों और उनके परिवारों को राहत मिलने की उम्मीद है।

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