आगरा

एससी एसटी एक्ट विधेयक के विरोध में उतरा वैश्य समाज, सरकार को करना होगा बड़ी मुश्किल का सामना

अखिल भारतीय वैश्य एकता परिषद का मंडलीय सम्मेलन लोहामंडी स्थित महाराजा अग्रसेन भवन में सम्पन्न, एससी-एसटी एक्ट विधेयक के विरोध में एकजुट को वैश्य समाज, 21 अगस्त को प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों पर देंगे ज्ञापन

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Aug 12, 2018
dr sumant gupta
sumant gupta

आगरा। एससी-एसटी एक्ट में संशोधन के सुप्रीम कोर्ट के फैसले को एक दिन की गुंडई ने पलटवा दिया। लोकसभा और राज्यसभा में एससी-एसटी अत्याचार निवारण संशोधन विधेयक को मिली मंजूरी के विरोध में वैश्यसमाज को एकजुट होना होगा। अन्यथा भविष्य में हर रोज की गुंडई झेलने को तैयार रहे। यह मंजूरी सबका साथ सबका विकास नहीं है। एक्ट के विरोध में वैश्य समाज 21 अगस्त को प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों पर ज्ञापन देकर व जनसभा आयोजित कर विरोध दर्ज कराएगा। यह निर्णय अखिल भारतीय वैश्य एकता परिषद एंव ट्रेडर्स एंड डस्ट्रीज वैलफेयर एसोसिएशन के लोहामंडी स्थित अग्रसेन सेवा सदन में आयोजित मंडलीय सम्मेलन में सर्वसम्मति के साथ लिया गया।

किसी भी दल ने एक्ट का विरोध नहीं किया
सम्मेलन में मुख्य अतिथि व परिषद के अध्यक्ष डॉ. सुमन्त गुप्ता ने कहा कि लोकसभा में किसी भी दल ने एक्ट का विरोध नहीं किया। क्योंकि सब वोट की राजनीति कर रहे हैं। कहा कि इस एक्ट से सबसे अधिक वैश्य समाज ही प्रभावित होने वाला है। क्योंकि हमारी दुकान, फैक्ट्रियों और घरों में काम करने वाले कब झूठे मामलों में हमें जेल पहुंचा देंगे पता नहीं। वैश्य समाज के आर्थिक रूप से कमजोर तबके के लोगों को पिछड़ा वर्ग में आरक्षण की मांग रखते हुए कहा कि ऑनलाइन मार्केट से हमारा 80 फीसदी व्यापार हाथ से निकल रहा है। इसमें परिवर्तन होना चाहिए। शिकोहाबाद से आए परिषद के प्रदेश वैश्य सेनाध्यक्ष व स्वागताध्यक्ष राजीव अग्रवाल ने सवाल किया कि क्या मायावती के कहने पर एससी-एसटी एक्ट के तहत राजनाथ सिंह या प्रधानमंत्री को बिना किसी जांच के जेल में डाल दिया जाएगा। ऐसा नहीं तो फिर इस एक्ट के जरिए सवर्णों का शोषण क्यों? हम सरकार बना ही नहीं बिगाड़ भी सकते हैं। राष्ट्रीय प्रधान महासचिव रवि प्रकाश अग्रवाल ने पारित हुए बिन्दुओं की जानकारी देते हुए बताया कि 15 अगस्त को समाज की त्रिमासिक पत्रिका का विमोचन किया जाएगा।

इन्होंने भी किया संबोधित
राष्ट्रीय महासचिव सुवीर गुप्ता ने कहा कि हमारे समाज के महात्मा गांधी का चित्र देश की मुद्रा पर अंकित है। हमारे पास नोट, वोट और सपोर्ट तीनों है। सिर्फ संगठित होने की जरूरत है। डॉ. ज्ञान प्रकाश गुप्ता (कासगंज) सरकार से भी अधिक रोजगार देता है वैश्य समाज। टैक्स भी सबसे अधिक देता है। इसके बाद भी राजनीति में में हमारी सम्मानजनक भागेदारी नहीं है। संजय अग्रवाल ने कहा कि भाजपा समझती है हम उसके नौकर हैं। एससी-एसटी एक्ट लागू हुआ तो झूठे मामलों में हम जेल में होंगे। अर्चना अग्रवाल ने कहा कि जिसके पास संगठिक होने की ताकत होगी, वही राज करेगा। परेशानी में एक दूसरे का साथ दें और महिलाएं भी समाज के उत्थान के लिए जागरूक हों।

Published on:
12 Aug 2018 05:51 pm