जनपद न्यायाधीश के निर्देश पर राजकीय संरक्षण गृह में जागरुकता शिविर का आयेाजन किया गया।
आगरा। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली की कार्या योजना के अंतर्गत जनपद न्यायाधीश के निर्देश पर राजकीय संरक्षण गृह में जागरुकता शिविर का आयेाजन किया गया। कार्यक्रम का संचालन अधिवक्ता मीना कुमारी ने किया। वक्ताओं ने कहा कि देह व्यापार की पीड़िताओं को समाज में दोबारा सम्मान से जीने का है अधिकार।
महिलाओं की स्थिति में आ रहा परिवर्तन
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए अपर जिला जज रीता सिंह ने बताया कि वैसे तो सदियों से हमारे समाज में महिलाओं को सिर्फ घर के काम तक सीमित रखा जाता रहा है। हर समय नारी को केवल घर में काम करने वाली ही समझा जाता रहा है, इतना ही नहीं महिलाओं को समाज में बराबरी का दर्जा नहीं दिया जाता है, जिसके कारण समाज में हमेशा से महिलाएं उपेक्षित रहीं हैं, लेकिन आज समाज में महिलाओं की स्थिति में परिवर्तन आ रहा है।
माता पिता का करें विरोध
प्रभारी सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण डॉ. अवनीश कुमार ने कहा कि आजकल कुछ माता पिता भी छोटी उम्र में ही लड़कियों को अनैतिक देह व्यापार में धकेल देते हैं, जिससे उनका घर से बाहर निकलना मुश्किल हो जाता है। हमारी बच्चियों को ऐसे माता पिता का विरोध करना चाहिए और समाज की मुख्य धारा से जुड़कर अपना जीवन व्यतीत करना चाहिए। आज भी समाज में लडकियों के प्रति कुविचार, कुरीतियां प्रचलित हैं, जिसका शिकार मासूम बच्चियों होती रही हैं।
सम्मान से जीने का अधिकार
उन्होंने कहा कि यदि पीड़ित महिलाएं मन से संकल्प कर लें, तो सरकार की विभिन्न योजनाओं की सहायता से पुन समाज की मुख्य धारा में लौटकर सम्मानपूर्वक जीवन व्यतीत कर सकती हैं। उन्होंने कहा संवासिनियों को भी समाज में दोबारा सम्मान के साज जीने का अधिकारी है। इनकी विभिन्न समस्याओं को सुना गया एवं उनके निराकरण हेतु सुझाव दिए गए। उन्होंने बताया कि जिन संवासिनियों के प्रकरण की पैरवी करने के लिए निजी अधिवक्ता नहीं है, उनको जिला विधिक सेवा प्राधिकरण निशुल्क अधिवक्ता उपलब्ध कराता है। ऐसी संवासिनी अधीक्षिका राजकीय संरक्षण गृह महिला के माध्यम से पत्र प्रेषित कर इसका लाभ उठा सकती हैं।
इनकी रही उपस्थिति
इस शिविर में अपर सिविल जज सीडि शालिनी सिंह, अपर लघुवाद न्यायाधीश प्रीति सिंह, पराविधिक स्वयं सेवक विनय रजक, राहुल कुमार व राजकीय संरक्षण गृह महिला प्रभारी माधुरी माथुर एवं अन्य उपस्थित रहे।