आगरा में यमुना नदी के किनारे स्थित बल्केश्वर मंदिर की दीवार पर शाम को खड़े लोग उफनाती यमुना नदी को देख रहे थे, इसी दौरान कुछ लोग संतुलन खोकर नदी में गिर गए। घटना के बाद परिसर में हड़कंप मच गया, लोग चीख पुकार करते भाग रहे थे। सूचना मिलते ही प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी फोर्स के साथ पहुंचते ही रेस्क्यू अभियान शुरू करा दिए।
सोमवार शाम आगरा में बड़ा हादसा हो गया है, यहां यमुना किनारे स्थित ऐतिहासिक बल्केश्वर मंदिर की दीवार भरभरा कर ढह गई, घटना के समय मंदिर में दो दर्जन से अधिक लोग मौजूद थे। दीवाल के गिरते ही कई लोग नीचे दब गए, तो कुछ नीचे बह रही यमुना नदी में जा गिरे। इसके बाद तो मंदिर परिसर में अफरा तफरी मच गई।
घटना स्थल पर मौजूद लोगों ने किसी तरह मलबे में दबे लोगों को निकालने के साथ ही पुलिस को सूचित किया, हादसे की खबर मिलते ही प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी ताबड़तोड़ पहुंचने लगे और रेस्क्यू अभियान शुरू किए, घटना के समय पास ही मौजूद विधायक पुरुषोत्तम खंडेलवाल भी तुरंत घटनास्थल पर पहुंच गए, मेयर हेमलता दिवाकर और नगर आयुक्त अंकित खंडेलवाल भी मौके पर पहुंचकर हालात सम्हालने में लग गए। पुलिस और स्थानीय लोगों ने मिलकर राहत-बचाव अभियान शुरू किया।दीवार के नीचे दबे छह लोगों को निकालकर अस्पताल भेजा गया है, वहीं यमुना में गिरे श्रद्धालुओं की तलाश के लिए 9 गोताखोर नदी में उतारे गए हैं। फिलहाल अभी नदी में गिरे लोगों की संख्या के बारे में आधिकारिक सूचना नहीं है।
DCP सिटी सोनम कुमार ने बताया कि कुछ श्रद्धालुओं को यमुना से सुरक्षित निकाला गया है, जबकि अन्य की तलाश जारी है, घायलों के हाथ-पैर और सिर में चोटें आई हैं। एहतियातन पुलिस ने मंदिर परिसर को अपने नियंत्रण में ले लिया है। गेट बंद करवा दिए गए हैं और एंबुलेंस लगातार घायलों को अस्पताल ले जा रही है, मौके पर एनडीआरएफ की टीम भी बुलाई गई है।