
आगरा। राम मंदिर निर्माण के लिए एक बार फिर रणनीति पर तेजी से काम होना शुरू हो गया है। अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए महौल बनाया जा रहा है, दिल्ली में इसके लिए बड़ा जमावड़ा होगा। इस बार राष्ट्रीय स्वयं सेवक (आरएसएस) ने अपनी रणनीति में बदलाव किया है। आरएसएस खुल कर इस आंदोलन की अगुआई करता हुआ नजर नहीं आएगा बल्कि संतों के आह्वान पर, लोगों को स्वप्रेरणा से इस मुद्दे पर मुखर होकर आगे आता हुआ दिखाया जाएगा। इस संबंध में आगरा में क्षेत्रीय स्तर की बैठक आयोजित की गई जिसमें दिल्ली कूच के लिए तारीख, संख्याबल और जिम्मेदारी तय की गई है।
मंच पर ये रहे उपस्थित
बता दें कि आगरा में फतेहाबाद रोड स्थित एक होटल में बैठक की गई। बैठक को नाम तो समन्वय बैठक दिया गया लेकिन मूल मुद्दा राम मंदिर रहा। बैठक में मंच पर आरएसएस की तरफ से प्रांत प्रचारक हरीश रौतेला, प्रांत कार्यवाह राजपाल और विश्व हिंदू परिषद के संगठनमंत्री मनोज शामिल रहे। इसके अलावा संघ के लगभग सभी अनुषांगिक संगठनों के प्रमुख भी बैठक में उपस्थित रहे।
भाजपा पदाधिकारी भी हुए शामिल
बैठक में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ब्रज प्रांत संगठन के प्रमुख पदाधिकारी, ब्रज प्रांत के सात जिलों आगरा, मथुरा, फिरोजाबाद, एटा, कासगंज, हाथरस और अलीगढ़ के जिला, महानगर के प्रमुख पदाधिकारी भी बुलाए गए थे। भाजपा के विधायक, सांसद भी उपस्थित रहे। बैठक में राम मंदिर निर्माण के लिए योगदान और जिम्मेदारी पर निर्णय लिया गया।
1500 बसों का लक्ष्य
सूत्रों के मुताबिक 9 दिसंबर को ब्रज प्रांत के इन सात जिलों से बड़ी संख्या में संघ - भाजपा कार्यकर्ता, पदाधिकारी और जो आमजन इस आंदोलन से जुड़ना चाहे उन्हें लेकर दिल्ली कूच करेंगे। ब्रज प्रांत के इन सात जिलों से करीब 1500 बसों के जरिए लोगों को दिल्ली पहुंचाने के लिए व्यवस्था पर कार्य करना तय किया गया है।