
आगरा। अपराधी की तलाश में दबिश देने गई पुलिस टीम धोखे से भाजपा कार्यकर्ता के घर में घुस गई। आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने घर में मौजूद सदस्यों के साथ अभद्रता की। इसके बाद जब जानकारी हुई, कि गलत घर में घुस आएं हैं, तो पुलिस ने अपनी गलती मानने के बजाए पीड़ित परिवार को ही धमकाना शुरू कर दिया। इस मामले को लेकर भाजपा नेताओं ने एसएसपी से शिकायत की है।
ये है मामला
रकाबगंज थाने की चौकी ईदगाह के चौकी इंचार्ज ने 21 जुलाई की रात 2 बजे भाजपा कार्यकर्ता देवेंद्र कुशवाह के घर दबिश दी। आरोप है कि परिवार के लोग रात में पुलिस को देखकर डर गए। पुलिस सीढ़ी के सहारे घर तक पहुंची। घर को चारों तरफ से घेर लिया। पीड़ित परिवार ने डर के मारे दरवाजा नहीं खोला तो पुलिस ने खिड़कियों को तोड़ दिया। पीड़ित देवेंद्र और उसके पिता प्रताप सिंह को पुलिस हिरासत में लेकर जाने लगी। महिलाओं ने विरोध किया तो महिलाओं से पुलिस ने अभद्रता करते हुए धक्का मुक्की की।और पिता पुत्र को जीप में डाल लिया। महिलाओं के शोर मचाने पर रात में पड़ोसी एकत्र हुए और जीप को घेर लिया। पुलिस से पिता पुत्र को ले जाने का कारण पूछा तो पता चला कि पुलिस जिसको पकड़ने आई थी वो कोई और था। गलती से पुलिस भाजपा कार्यकर्ता के घर पहुंच गई। अपनी गलती मानते हुए पुलिस ने दोनों को तुरंत यह कहते हुए छोड़ दिया कि अधिकारियों से हमारी शिकायत की तो फर्जी मुकद्दमे में जेल भेज दूंगा।बीजेपी जिला उपाध्यक्ष, किसान मोर्चा गोविंद चाहर को इस बारे में भाजपा कार्यकर्ता ने जानकारी दी।
एसएसपी से की शिकायत
गोविंद चाहर के नेतृत्व में पीड़ित परिवार को लेकर दर्जनों लोग एसएसपी से मिले। पुलिस द्वारा प्रताड़ित परिवार के बारे में घटना से अवगत कराया। घर मे तोड़ फोड़ किये जाने महिलाओं से अभद्रता और पिता पुत्र से मारपीट किये जाने को लेकर चौकी इंचार्ज ईदगाह दिनेश कुमार और 10-12 सिपाहियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई को लेकर तहरीर दी। एसएसपी ने सीओ सदर को जांच कर कार्रवाई करने का आश्वाशन दिया है। गोविंद चाहर ने कहा कि कुछ पुलिस वाले योगी सरकार को बदनाम करने की नीयत से काम कर रहे हैं, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।