आगरा

मृत व्यक्ति को बताया मारपीट में शामिल; षड्यंत्र रचकर दर्ज कराया फर्जी मुकदमा! आगरा का सनसनीखेज मामला

Brother And Sister Clash: जिस व्यक्ति की मौत करीब एक महीने पहले हो चुकी है उसे मारपीट में शामिल बताया गया। षड्यंत्र रचकर फर्जी मुकदमा दर्ज कराने का आरोप भी लगाया गया है। जानिए पूरा मामला क्या है?

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Apr 29, 2026
brother and sister clash over property dispute in agra allege conspiracy to file false case up crime
आगरा में पारिवारिक विवाद पहुंचा पुलिस और अदालत तक। फोटो सोर्स-Ai

Brother And Sister Clash: उत्तर प्रदेश के आगरा में भाई-बहन के बीच संपत्ति विवाद अब गंभीर कानूनी लड़ाई में बदलता नजर आ रहा है। हरीपर्वत क्षेत्र निवासी राकेश कुमार कुशवाह की शिकायत पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पीड़ित ने अपनी बहन हेमलता कुशवाह समेत कई लोगों पर साजिश रचकर झूठा मुकदमा दर्ज कराने और दबाव बनाने का आरोप लगाया है।

पुराने विवाद से बढ़ी तकरार

राकेश कुमार का कहना है कि बहन के साथ संपत्ति को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा है। उनके मुताबिक यह विवाद पहले भी हिंसक मोड़ ले चुका है और बहन की ओर से उन पर जानलेवा हमला कराने का मामला पहले से न्यायालय में विचाराधीन है। पीड़ित का आरोप है कि उसी मुकदमे में समझौते के लिए लगातार दबाव बनाया जा रहा था। जब उन्होंने समझौता करने से इनकार किया तो कथित तौर पर उन्हें झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकियां मिलने लगीं।

25 हजार रुपये लेकर समझौते का दबाव बनाने का आरोप

शिकायत में दावा किया गया है कि आरोपियों ने 25 हजार रुपये लेकर समझौते के लिए दबाव बनाया। पीड़ित के अनुसार जब उन्होंने ऐसा करने से मना किया तो उन्हें झूठे केस में फंसाने की चेतावनी दी गई। राकेश कुमार का आरोप है कि इसके बाद सुनियोजित तरीके से एक नई कहानी गढ़ी गई और 3 मई 2025 की कथित मारपीट की घटना दिखाकर न्यायालय में प्रार्थना पत्र प्रस्तुत कर दिया गया।

मृत व्यक्ति को मारपीट में आरोपी बताने पर उठा बड़ा सवाल

इस मामले में सबसे चौंकाने वाला पहलू वह है, जिसे पीड़ित साजिश का सबसे बड़ा सबूत बता रहे हैं। शिकायत के मुताबिक जिस ओमप्रकाश कुशवाह को कथित मारपीट की घटना में शामिल दिखाया गया, उनकी मौत घटना से करीब एक माह पहले यानी 8 अप्रैल 2025 को हो चुकी थी। पीड़ित का कहना है कि मृत व्यक्ति को घटना में शामिल दिखाना इस कथित फर्जी मुकदमे की पोल खोलता है। उन्होंने इस दावे के समर्थन में संबंधित दस्तावेज भी पुलिस को सौंपे हैं।

‘साजिश के तहत झूठा केस तैयार किया गया’

राकेश कुमार ने आरोप लगाया है कि उन्हें कानूनी और मानसिक दबाव में लाने के लिए यह पूरी पटकथा रची गई। उनका कहना है कि फर्जी तथ्य पेश कर उन्हें फंसाने की कोशिश की गई, ताकि पुराने विवाद में दबाव बनाया जा सके। इस आरोप के बाद मामला और गंभीर हो गया है।

पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा, जांच शुरू

पुलिस ने शिकायत को गंभीरता से लेते हुए संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। अधिकारियों का कहना है कि पूरे मामले की बारीकी से जांच की जा रही है। पुलिस यह भी देख रही है कि अदालत में पेश प्रार्थना पत्र, दस्तावेज और लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है।

जांच में सामने आए तथ्यों पर होगी कार्रवाई

अधिकारियों के मुताबिक जांच के दौरान यदि फर्जी मुकदमा, दस्तावेजों में हेराफेरी या साजिश के आरोप सही पाए गए तो संबंधित लोगों के खिलाफ आगे कड़ी कार्रवाई की जा सकती है। फिलहाल पुलिस सभी पक्षों से पूछताछ और दस्तावेजी साक्ष्यों की जांच में जुटी है। भाई-बहन के रिश्ते में शुरू हुआ विवाद अब पुलिस, अदालत और जांच एजेंसियों तक पहुंच चुका है। अब सबकी नजर पुलिस जांच पर है, जिससे साफ होगा कि यह वास्तव में फर्जी मुकदमे की साजिश है या संपत्ति विवाद से उपजा कानूनी संघर्ष।