आगरा

मच्छर भगाने के चक्कर में हो रहे इस बीमारी का शिकार

मच्छर भगाने वाली क्वाइल और फास्ट कॉर्ड से फेफड़ों की बीमारी के मरीज बढ़े

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Nov 15, 2017
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आगरा। मच्छर भगाने के लिए आमतौर पर घरों में फास्ट कॉर्ड और क्वाइल जलाई जाती है। मासूमों की सांसे इसके धुएं से फूल रही हैं। इस बात की जानकारी लोगों को तब हो रही है, जब वे चिकित्सकों के पास पहुंचते हैं। आगरा सहित कई शहरों में क्रॉनिक आब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिसीज के लोगों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। चिकित्सक इसका कारण घरों में जलने वाली मच्छर भगाने वाली अगरबत्ती, क्वाइल और फास्ट कॉर्ड को भी मानते हैंं। चिकित्सकों का कहना है कि सिगरेट के धुएं से कहीं अधिक इन कवाइलों का धुआं खतरनाक हैं। पूरी रात जलने वाली एक क्वाइल सौ सिगरेट के बराबर फेफड़ों को नुकसान पहुंचाती है।

सीओपीडी दिवस पर चिकित्सकों ने दी जानकारी
विश्व सीओपीडी दिवस के मौके पर चिकित्सकों ने इससे बचने की जानकारी लोगों को दी। क्षय एवं वक्षरोग विभाग के चिकित्सकों का कहना है कि घर परिवार में जो लोग सिगरेट पीते हैं, उसका सीधा नुकसान मासूमों पर होता है। हर रोज मरीजों की संख्या में बढ़ोत्तरी हो रही है। क्षय रोग विशेषज्ञ डॉ. संतोष कुमार का कहना है कि मच्छर भगाने वाली क्वाइल से मासूमों को नुकसान होने का खतरा बहुत अधिक रहता है। पूरी रात इसका धुआं फेफड़ों को नुकसान पहुंचाता है। रोजाना धुएं के चलते मासूमों को गंभीर बीमारी का खतरा रहता है। डॉ.संतोष कुमार का कहना है कि क्वाइल को जलाकर कमरे को खाली कर दें, तो नुकसान कम होगा। वहीं उन्होंने बताया कि हर रोज सीओपीडी के मरीजों की संख्या बढ़ रही है। आठ से दस नए मरीज एसएन मेडिकल कॉलेज में आते हैं।

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पेठा, चूड़ी कारखाने के मजदूर भी सबसे अधिक शिकार
चिकित्सकों का कहना है कि सीओपीडी बीड़ी, सिगरेट, धूम्रपान करने से तो होता ही है। वहीं दूसरी ओर प्रदूषण के चलते भी इसके मरीज बढ़े हैं। लगातार हो रहे बिल्डिंग कंस्ट्रक्शन से उड़ती धूल, पेठा कारखाने में कोयले का इस्तेमाल करने वाले मजदूर और चूड़ी कारखाने में निकलने वाले धुएं से भी लोग इसके शिकार हो रहे हैं। चिमनी के कारखानों में काम करने वाले लोगों को इस बीमारी का खतरा कई गुना अधिक रहता है।

ऐसे करें बचाव
क्षय एवं वक्ष रोग विभाग के अध्यक्ष डॉ.संतोष कुमार ने बताया कि सबसे पहले धूम्रपान बंद कर दें। लड़की, कोयला, गोबर का ईधन का इस्तेमाल बंद करें। सर्दी से बचकर रहें। प्रदूषित स्थानों पर जानें से बचें। निर्माणाधीन स्थलों पर मॉस्क का इस्तेमाल करें। मच्छर भगाने के लिए इस्तेमाल करने वाली कॉयल का चुनाव सही तरह से करें। खांसी, बलगम होने पर तुरंत जांच कराएं।

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Published on:
15 Nov 2017 12:38 pm
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