तीन वर्षों से पड़े मिट्टी के टीले और मलवे को उठवाकर की सफाई, महिलाएं भी आगे आईं
आगरा। हर रोज सुबह दुकान खोलकर अपने व्यापार की शुरुआत करने वाले व्यापारियों के हाथ में आज तसला और फांवड़ा था। लगभग चार माह से चौराहे पर पड़े मिट्टी के टीलों और मलवे से परेशान सुल्तानगंज बाजार कमेटी के सदस्यों ने प्रशासनिक अधिकारियों पर नाराजगी जताते हुए खुद साफ सफाई का जिम्मा लिया। धूल मिट्टी के कारण प्रभावित हो रहे व्यापार के कारण यहां के व्यापारियों में काफी रोष है।
सिक्स लेन के चलते कई सालों से बुरा हाल
सुल्तानगंज बाजार कमेटी के अध्यक्ष मुरारी लाल गोयल (पेंट) के नेतृत्व में कमेटी के सदस्यों ने श्रमदान किया। मुरारीलाल गोयल ने बताया कि यहां लगभग 200 दुकानें हैं। जिसके माध्यम से 4-5 हजार लोगों की जीविका चलती है। लेकिन, सिक्स लेन बनने के चलते यहां लगभग तीन वर्षों से मिट्टी के बड़े-बड़े टीले और मलवे के ढेर से लोग परेशान हैं। पिछले वर्ष से पुल भी चालू हो गया। लेकिन मिट्टी के टीले नहीं हटे। चार महीने से समस्या अधिक बढ़ गई। प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा सौन्दर्यीकरण के लिए ऐसे लोगों को यह चौराहा गोद दे दिया गया, जिन्हें इस क्षेत्र से कोई मतलब नहीं। जैसे-जैसे पारा बढ़ेगा, मिट्टी के टीलों के कारण धूल की समस्या भी बढ़ती और व्यापारियों का रोजगार और भी प्रभावित होता। इसलिए कमेटी के सदस्यों ने प्रशासनिक अधिकारियों पर रोष जताते हुए खुद श्रमदान कर यहां साफ सफाई का काम किया। जिसमें महिलाएं भी शामिल थीं। लगभग 10 ट्रैक्टर ट्राली मलवा व कचरा उठवाया गया। धूल के कारण व्यापारियों के साथ राहगीरों को भी समस्या होती थी।
बड़ी दुर्घटना की संभावना को देखते हुए उठाए ये कदम
इस क्षेत्र में मलबे के चलते अक्सर छोटी-मोटी दुर्घटनाएं होती रहती हैं और बड़ी दुर्घटना की सम्भावना बनी रहती है। मिट्टी उड़ने के कारण खाने-पीने की ठेल लगाने वाले लोगों की खाद्य सामग्री प्रदूषित हो जाती है। कमेटी के लोगों ने मांग की है कि चौराहे के सौन्दर्यीकरण का जिम्मा ऐसे व्यक्ति को देना चाहिए जिसका यहां से भावनात्मक लगाव हो। इस मौके पर मुकेश अग्रवाल, साजिद खान, चेतन वर्मा, जितेन्द्र अग्रवाल, विजय वर्मा, मोहन गुप्ता, मनोज श्रीवास्तव, सुमन गोयल, मीरा कुशवाह आदि मौजूद थे।