
आगरा। यूपी में मायावती और अखिलेश यादव के गठबंधन के बाद दिल्ली के सीएम का दलित प्रेम देखने को मिल रहा है। आंबेडकर जयंती के मौके शुरू हुए भीमनगरी महोत्सव का उदघाटन दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने किया। अरविंद केजरीवाल ने मंच से दलितों को रिझाने के लिए डॉ.भीमराव आंबेडकर की जीवनी से अपने जीवन को प्रेरित बताया।
दिल्ली की जीत पर बोले अरविंद केजरीवाल
दिल्ली में आम आदमी पार्टी के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भीमनगरी में मंच से कहा कि बाबा साहब के संविधान की वजह से एक आम आदमी की पार्टी को दिल्ली में 70 में से 67 सीट मिलीं। लेकिन, हमारे लिए षडयंत्र रचे गए, कई बार मैं सोचता था कि अब तो सब कुछ खत्म हो गया। मैं बाबा साहब की जीवनी उठा लिया करता था और उनके जीवन को पढ़ा करता था तो प्रेरणा मिलती थी कि बैठना नहीं है, उठो, खड़े हो, लड़ो। भीमनगरी के मंच से उन्होंने दलितों को संबोधित करते हुए कहा कि बाबा साहब सामान्य परिवार से थे, गांव में क्या नहीं सहा लेकिन, अपने परिश्रम की वजह से अमेरिका से पढ़ाई की और हमारे देश को सबसे बेहतरीन संविधान दिया।
बाबा साहब का अपमान नहीं सहेंगे
सीएम अरविंद केजरीवाल ने कहा कि वे जनता के सामने दुख के साथ कुछ बातें रखना चाहते हैं। जिनसे बाबा साहब आंबेडकर पर इस देश के बच्चे को गर्व है। बाबा साहब दलित के नेता नहीं थे, वे हिंदू मुस्लिम, ईसाई, सिख, जैन के नेता थे। वे दुनिया के नेता थे, दुनिया के लोग उनका सम्मान करते हैं। लेकिन, पिछले दो महीने से इस देश के अंदर जो हो रहा है, कई सारे शहरों से पता चला कि आंबेडकर की मूर्ति को तोड़ा जा रहा है। हम कुछ भी बर्दाश्त करेंगे लेकिन, बाबा साहब का अपमान सहन नहीं करेंगे। हम जेल जाने को तैयार हैं लेकिन, अगर बाबा साहब का अपमान किया तो इस देश के लोग बर्दाश्त नहीं करेंगे। भीमनगरी में पहली बार दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को बुलावा दिया गया था। हालांकि भीमनगरी में आम आदमी पार्टी के सीएम को बुलाने के लिए गुटबाजी देखने को मिली। मंच के पास कुछ लोग आपस में भिड़ गए। वहीं पुलिस प्रशासन के साथ भी हॉट टॉक हुई।