अटल बिहारी वाजपेयी के स्वास्थ्य कामना के लिए उनके गांव में ब्रह्मलालजी मंदिर में अनुष्ठान शुरू हो गया। साधु संत तप में जुट गए हैंं
आगरा। पूर्व प्रधानमंत्री ने जिस गांव में अपना बचपन गुजारा था। आज उस गांव की गलियां सूनी पड़ गई जब लोगों को अटल बिहारी वाजपेयी के अस्वस्थ्य होने की सूचना मिली। एम्स में भर्ती होने और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राहुल गांधी, एलके आडवाणी सहित बड़े नेताओं के उन्हें देखने पहुंचने पर लोग आशंकित हो गए। अटल बिहारी वाजपेयी के स्वास्थ्य कामना के लिए उनके गांव में ब्रह्मलालजी मंदिर में अनुष्ठान शुरू हो गया। साधु संत तप में जुट गए हैंं
बटेश्वर की जमीन पर बीता है बचपन
बता दें कि अटल बिहारी वाजपेयी ने बटेश्वर की जमीन पर अपना बचपन गुजारा था। बटेश्वर की गलियों में वे खेलकूद कर बड़े हुए थे। बटेश्वर मंदिर के पुजारी और अटलजी के पारिवारिक भतीजे रकोश वाजपेयी सहित साधु संतों ने हवन यज्ञ शुरू कर दिया। ब्रह्मलालजी मंदिर में मंहत उनके स्वास्थ्य लाभ के लिए भगवान से कामना कर रहे हैं। महामत्रुंजय मंत्र का जाप किया जा रहा है। महंत गोपाल भारती नंदी के सामने एक पैर पर खड़े होकर अटलजी के स्वास्थ्य के लिए प्रार्थना कर रहे हैं। अटलजी के पारिवारिक भतीजे रमेश वाजपेयी और पत्नी राजेश्वरी देवी ने उनकी सेहत के लिए कामना की। अटल बिहारी वाजपेयी की बहन की पुत्रवधू निर्मला दीक्षित का कहना है कि दिल्ली से फोन करके पता किया है कि उनका स्वास्थ्य कैसा है। जांच के लिए एम्स में भर्ती कराया गया था। डॉक्टरों की निगरानी में अटलजी हैं। वहीं बटेश्वर में लोग उनके स्वास्थ्य की कामना के लिए हवन पूजन कर रहे हैं। सुंदरकांड का पाठ किया जा रहा है। अटलजी का स्वास्थ्य स्थिर है ये पता लगने पर उनके परिचितों ने राहत की सांस ली है।
याद हैं चूरमा के लड्डू
6 अप्रैल 1999 को अटलजी को चूरमा के लड्डू खिलाकर याद करने वाली उनकी भांजी बहू गंगा देवी ने घर के आंगन में तुलसी को जल अर्पित किया। उनके बेहतर स्वास्थ्य के लिए बटेश्वर मंदिर में भोलेनाथ की पूजा अर्चना की जा रही है।