आगरा में रहने वाले गुजराती परिवारों से पत्रिका टीम ने चर्चा की, तो यहां के गुजराती बोले ये बेहद निंदनीय है, ऐसा नहीं होना चाहिये।
आगरा। गुजरात के साबरकांठा जिले में 28 सितम्बर को नाबालिग बच्ची के साथ बलात्कार हुआ। इसके बाद छह जिलों में हिन्दी भाषी लोगों के खिलाफ हिंसा भड़क उठी। उत्तर प्रदेश के लोग अपने जिलों को लौट रहे हैं। आगरा के भी बड़ी संख्या में लोग वापस आ गये, लेकिन अब सवाल ये उठ रहा है कि क्या किसी एक घटना की वजह से इस तरह पूरे समाज पर हिंसक होना सही है। आगरा में रहने वाले गुजराती परिवारों से पत्रिका टीम ने चर्चा की, तो यहां के गुजराती बोले ये बेहद निंदनीय है, ऐसा नहीं होना चाहिये।
ये बोले गुजराती
लक्ष्मीराम पंड्या ने बताया कि वे गुजरात के हैं और 300 वर्षों से आगरा में रह रहे हैं। गुजरात में आना जाना लगा रहता है। लक्ष्मीराम ने बताया कि यूपी में बहुत अच्छा माहौल है। उन्होंने कहा कि गुजराती बहुत गलत कर रहे हैं। यदि यूपी वालों ने हमारे साथ ऐसा किया, तो हम कहां जायेंगे। हमारी सारी जमीन जायदाद तो यहीं पर है। ये हमें रखेंगे अपने पास। प्रियकांत ने बताया कि काफी समय से यहां रह रहे हैं। निदंनीय कार्य है, हम सभी यहां बड़े आराम से रह रहे हैं, ऐसे ही वहां भी लोगों को रहने देना चाहिये।
गोकुलपुरा में रहते गुजराती
आगरा शहर के गोकुलपुरा (राजामंडी) में गुजराती परिवार रहते हैं। यहां पर गुजराती गली के नाम से इनका क्षेत्र प्रसिद्ध है। यहां के रहने वाले वृद्ध गुजराती प्रियकांत ने बताया कि आगरा में गुजरातियों का इतिहास 300 वर्ष से भी अधिक पुराना है। गोकुलपुरा में गुजरातियों के इष्टदेव श्री हाटकेश्वर महादेव का मंदिर भी है। गोकुलपुरा के अलावा अब ये परिवार पूरे शहर के अलग-अलग क्षेत्र भी बस गये हैं। गुजाराती परिवारों की कुल संख्या 85 है।