Kangana Ranaut Case Update: BJP सांसद कंगना रनौत के केस में बड़ा अपडेट सामने आया है। जानिए ये पूरा मामला क्या है और मामले में क्या अपडेट है?
Kangana Ranaut Case Update: हिमाचल प्रदेश के मंडी लोकसभा क्षेत्र से भाजपा सांसद और फिल्म अभिनेत्री कंगना रनौत (Kangana Ranaut) से जुड़े एक अहम मामले में 16 अप्रैल 2026 को प्रस्तावित सुनवाई नहीं हो सकी। यह मामला किसानों के कथित अपमान और राजद्रोह से जुड़े आरोपों पर आधारित है। स्पेशल कोर्ट (MP-MLA) में सुनवाई टलने के बाद अब अगली तारीख 30 अप्रैल 2026 तय की गई है, जिस दिन कोर्ट इस मामले में आगे की कार्रवाई और आदेश पर विचार करेगा।
इससे पहले 3 अप्रैल 2026 को इस मामले में दोनों पक्षों की ओर से विस्तृत बहस की गई थी। वादी और प्रतिवादी पक्ष ने अपने-अपने तर्क कोर्ट के सामने रखे थे। दोनों पक्षों ने लिखित बहस भी दाखिल की थी, साथ ही मौखिक दलीलों के माध्यम से अपने पक्ष को मजबूत करने की कोशिश की थी। सुनवाई पूरी होने के बाद अदालत ने संज्ञान आदेश के लिए 16 अप्रैल की तारीख तय की थी, लेकिन निर्धारित दिन पर किसी कारणवश सुनवाई नहीं हो सकी।
16 अप्रैल को कोर्ट में वादी पक्ष की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता रमाशंकर शर्मा समेत कई अन्य वकील मौजूद रहे। वहीं, कंगना रनौत की ओर से सुप्रीम कोर्ट की जूनियर अधिवक्ता सुधा प्रधान और स्थानीय अधिवक्ता विवेक शर्मा पेश हुए। हालांकि, सुनवाई टल जाने के कारण किसी भी पक्ष की दलीलों पर आगे विचार नहीं हो सका।
इससे पहले 3 अप्रैल की सुनवाई के दौरान कंगना रनौत की ओर से उनके वकील ने अदालत द्वारा लगाए गए 500 रुपये के जुर्माने का भुगतान भी किया था। यह जुर्माना पिछली तारीख पर उनकी अनुपस्थिति के चलते लगाया गया था। नियमानुसार इस जुर्माने को अदालत में जमा करा दिया गया, जिससे प्रक्रिया आगे बढ़ सकी।
यह मामला वर्ष 2020–2021 के दौरान चले किसान आंदोलन से जुड़ा हुआ है। आरोप है कि उस समय बीजेपी सांसद कंगना रनौत ने सोशल मीडिया और सार्वजनिक मंचों पर कुछ ऐसे बयान दिए थे, जिन्हें किसानों के प्रति अपमानजनक और भड़काऊ माना गया।
इन बयानों के आधार पर उनके खिलाफ परिवाद दायर किया गया, जिसमें कहा गया कि उनके वक्तव्यों से समाज में वैमनस्य फैल सकता है और यह राजद्रोह जैसी गंभीर धाराओं के तहत भी आता है। मामले में यह भी आरोप लगाया गया कि उनके बयान सार्वजनिक शांति और सामाजिक सद्भाव को प्रभावित कर सकते हैं।
फिलहाल इस मामले में अगली सुनवाई 30 अप्रैल 2026 को होगी, जहां कोर्ट संज्ञान लेने और आगे की कानूनी प्रक्रिया पर निर्णय ले सकता है। यह मामला राजनीतिक और सामाजिक दृष्टि से काफी संवेदनशील माना जा रहा है, इसलिए आने वाली सुनवाई पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।