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‘कई महिलाओं से क्राइम इंस्पेक्टर के अवैध संबंध’, पीड़िता का छलका दर्द, युवती के साथ यौन शोषण मामले में अपडेट

Update On Case Of Exploitation: पीड़िता ने आरोप लगाया कि क्राइम इंस्पेक्टर के कई महिलाओं से अवैध संबंध थे। जानिए पूरा मामला क्या है?

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case update of exploitation of woman victim leveled several serious allegations against crime inspector ballia

बलिया में रेप पीड़िता से चार्जशीट के बदले संबंध की मांग, केस अपडेट। फोटो सोर्स- पत्रिका न्यूज

Update On Case Of Exploitation: उत्तर प्रदेश के बलिया जिले में एक रेप पीड़िता ने उभांव थाने के क्राइम इंस्पेक्टर नरेश मलिक पर आरोप लगाया है कि उन्होंने चार्जशीट दाखिल करने के बदले उससे यौन संबंध बनाने की मांग की। मामले में नया अपडेट सामने आया है।

कोर्ट में दर्ज हुआ पीड़िता का बयान

गुरुवार को सुरक्षा के बीच पीड़िता का कोर्ट में बयान दर्ज कराया गया। पीड़िता ने आरोप लगाया कि इंस्पेक्टर नरेश मलिक जांच अधिकारी न होने के बावजूद उसे लगातार फोन करता था और वन दरोगा को बचाने के लिए कई बार धन का लालच भी दिया। पीड़िता ने आरोप लगाया कि इंस्पेक्टर के कई महिलाओं से अवैध संबंध हैं। वन दरोगा के खिलाफ दर्ज मामले की जांच सीयर चौकी प्रभारी कर रहे हैं।

आगे की कार्रवाई पर नजर

मामले को लेकर SP ओमवीर सिंह का कहना है कि जांच के आधार पर जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त विभागीय कार्रवाई की जाएगी।

ऑडियो रिकॉर्डिंग बनी सबूत, DIG तक पहुंचा मामला

पीड़िता ने इंस्पेक्टर के साथ हुई बातचीत की ऑडियो रिकॉर्डिंग सबूत के तौर पर आजमगढ़ के DIG को सौंपी। ऑडियो में इंस्पेक्टर पीड़िता पर अकेले मिलने का दबाव बनाते हुए सुने जा रहे हैं, जिससे मामले ने गंभीर मोड़ ले लिया।

तुरंत कार्रवाई, इंस्पेक्टर नरेश मलिक निलंबित

मामले को गंभीरता से लेते हुए DIG ने तत्काल कार्रवाई की और इंस्पेक्टर नरेश मलिक को निलंबित कर दिया। साथ ही उभांव थाना प्रभारी संजय शुक्ल पर भी इसी तरह के आरोप सामने आए हैं, जिनकी जांच CO रसड़ा को सौंपी गई है।

वन दरोगा पर पहले से था शोषण का आरोप

दरअसल, पीड़िता ने पहले एक वन दरोगा पर शादी का झांसा देकर यौन शोषण करने का आरोप लगाया था। लंबे संघर्ष के बाद इस मामले में उभांव थाने में एफआईआर दर्ज हुई थी। अब चार्जशीट दाखिल करने के दौरान पीड़िता को कथित रूप से दबाव में लिया जा रहा था।

चार्जशीट के नाम पर बनाया जा रहा था दबाव

पीड़िता का आरोप है कि इंस्पेक्टर नरेश मलिक ने चार्जशीट लगाने के बदले व्यक्तिगत मुलाकात की शर्त रखी। बातचीत के दौरान थाना प्रभारी संजय शुक्ल का नाम भी सामने आया, जिन पर भी इसी तरह के आरोप लगाए गए हैं।

SP के निर्देश पर जांच शुरू

मामले के उजागर होते ही बलिया पुलिस हरकत में आई। SP ओमवीर सिंह के निर्देश पर जांच शुरू की गई। जांच के बाद इंस्पेक्टर नरेश मलिक को निलंबित कर दिया गया। बताया जा रहा है कि उन्हें कुछ दिन पहले ही उभांव थाने से हटाकर साइबर सेल में भेजा गया था।

तीनों आरोपियों पर FIR, तलाश जारी

उभांव थाना प्रभारी रहे संजय शुक्ल, क्राइम इंस्पेक्टर नरेश मलिक और वन दरोगा उग्रसेन जायसवाल के खिलाफ FIR दर्ज कर ली गई है। फोन पर अभद्र भाषा के इस्तेमाल और सुलह के लिए धमकी देने के आरोप भी लगाए गए हैं। फिलहाल पुलिस इनकी तलाश में जुटी है।