मायावती की इस कार्रवाई से बसपा नेताओं की धड़कनें बढ़ गई हैं।
आगरा। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) प्रमुख मायावती अपने फैसलों के लिए जानीं जाती हैं। जिस समय अन्य पार्टी नेताओं को अपने-अपने दल से जोड़ने के अभियान में लगी हुई हैं उसी दौरान मायावती ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पूर्व विधायक सहित पांच को पार्टी से बाहर का रस्ता दिखा दिया है। मायावती की इस कार्रवाई से बसपा नेताओं की धड़कनें बड़ गई हैं। माना जा रहा है कि 2019 से पहले मायावती ने अनुशासन तोड़ने वालों को पार्टी में न रहने देने का कड़ा संदेश दिया है।
इन पर हुई कार्रवाई
दरअसल कार्रवाई का एलान विगत दिवस आगरा में कालिंदी विहार स्थित बसपा के मंडल कार्यालय पर समीक्षा बैठक के दौरान उत्तराखणंड, आगरा एवं अलीगढ़ मंडल के जोनल कॉर्डिनेटरर सुनील कुमार चित्तौड़ ने किया। इस कार्रवाई की जानकारी होने पर हर कई सन्ना रह गया। हर तरफ चर्चा है कि आखिर लोकसभा चुनाव से पहले इतनी बड़ी कार्रवाई क्यों की गई। हालांकि सुनील कुमार चित्तौड़ ने कहा कि बहन जी (मायावती) के आदेशानुसार पार्टी में अनुशासनहीनता कतई भी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। हाथरस के तीन पदाधिकारियों मंडल जोन इंचार्ज लल्लन बाबू, जिला महासचिव जेपीसागर, जिला प्रभारी आरपी गोला पर पार्टी लाइन का उल्लंघन कर उत्तराखंड की राज्यपाल बेबीरानी मौर्य का स्वागत करने के चलते कार्रवाई की गई है। अलीगढ़ के पूर्व विधायक जमीरउल्लाह को पार्टी और आगरा- अलीगढ़ जोन के मुख्य जोन इंचार्ज हेमंत प्रताप सिहं पर अनुशासन तोड़ने के चलते कार्रवाई की गई है।
पूर्व विधायक के निष्कासन का ये है कारण
चर्चा है कि पूर्व विधाय जमीरउल्ला खां पर कार्रवाई लगातार मीडिया में बयान देने के चलते की गई है।दरअसल बसपा में पार्टी प्रमुख मायावती या अधिकृत व्यक्ति के अलावा किसीको भी मीडिया में बयान देने की इजाजत नहीं है लेकिन जमीरउल्ला खां लगातार बयानबाजी कर रहे थे जो अखाबारों में छप रहे थे। पार्टी ने इसे अनुशासनहीनता माना और बाहर का रास्ता दिखा दिया।