15 हजार घरों में पीएनजी सप्लाई ठप, स्कूलों की भी छुट्टी, यातायात व्यवस्था चरमराई, यमुना नदी पर बन रहा तीसरा पुल का गर्डर गिरने से गड़बड़ा गई सारी व्यवस्थाएं
आगरा। दीवाली से पहले मोहब्बत की नगरी में आफत टूट गई है। पीएनजी सप्लाई ठप होने से घरों में चूल्हे नहीं जल रहे हैं। वहीं सीएनजी गैस नहीं मिलने से स्कूलों की भी टाइमिंग बिगड़ गई है। स्कूल संचालक अभिभावकों को मैसेज भेजकर आगाह कर रहे हैं। कई स्कूलों में छुट्टी भी कर दी गई है। संभावनाएं व्यक्त की जा रही हैं कि जल्द से जल्द इन्हें दुरुस्त कर लिया जाएगा। ये सारी आफत यमुना नदी पर बन रहे तीसरे पुल के गर्डर गिरने से जनता पर टूटी हैं।
जाम से परेशान जनता
निर्माणाधीन पुल पर बन रहा तीसरा पुल का गर्डर जब गिरा तो बड़ा हादसा घटित होने से टल गया। लेकिन, इसके बाद जो आफत आई वो किसी ने सोची भी नहीं थी। गर्डर गिरने से सीएनजी की पाइप लाइन क्षतिग्रस्त हो गई और सभी फिलिंग स्टेशनों को गैस मिलना बंद हो गया। वहीं पीएनजी गैस की सप्लाई भी बंद हो गई, जिसके चलते खंदारी, दयालबाग, बाग मुज्जफरखां सहित कमलानगर के 15 हजार घरों में गैस आपूर्ति बंद हो गई। लोग खाना बनाने के लिए भी तरस गए। चूल्हे ठंडे पड़े रहे। वहीं पुल पर भारी जाम की स्थिति बनी रही। यातायात पुलिस ने रूट डायर्वट भी किया लेकिन, कोई फायदा नहीं दिखाई दिया।
सिटी बसों के भी पहिए थमेंगे
आगरा में महानगर बसों का संचालन होता है। इन बसों की सीएनजी भी खत्म होने की कगार पर है। करीब 25 बसों की सीएनजी खत्म हो गई है। रोजाना शहर में 60 बसों का संचालन होता है। आधी बसों के सफर से शहर में यातायात की किल्लत भी आकर खड़ी हो गई है।
त्योहार से पहले जलापूर्ति बाधित
चार दिन से शहर में जलापूर्ति बाधित हो रही है। आधा शहर पानी की किल्लत से जूझ रहा है। त्योहार से पहले ये किल्लत लोगों को परेशान कर रही है।
15 हजार मजदूर खाली
त्योहार से पहले 15 हजार मजदूरों पर मसीबतों का पहाड़ टूट पड़ा है। 40 से अधिक आद्योगिक इकाईयों की गैस सप्लाई बाधित होने से 50 लाख रुपये रोजाना के नुकसान की आंशका है। वहीं त्योहार पर मजदूरों को बड़ा झटका लगा है। शहर के 14 सीएनजी स्टेशनों पर वाहनों की लंबी कतारें हैं। सीएनजी सप्लाई बाधित होने से करीब 25 हजार वाहन प्रभावित हुए हैं।
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