सरकार द्वारा आईएफएस मॉडल पर काम करने की दी जा रही तरजीह, बहुउद्देशीय खेती से आय होगी दोगुनी
आगरा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शाहजहांपुर में 21 जुलाई को किसान कल्याण रैली को संबोधित करेंगे। पत्रिका टीम किसानों की समस्यों को प्रधानमंत्री तक पहुंचा रही है और सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं से किसानों को रूबरू करा रही है। आजकल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी रैलियों में किसानों की आय दो गुनी करने की बातों को सामने रखते हैं। पत्रिका टीम ने जानने का प्रयास किया कि सरकार किस तरीके से किसानों की आय को दोगुना करने का दावा कर रही है। प्रधानमंत्री की इस योजना को सफल बनाने में कृषि विज्ञान केंद्र और उत्तर प्रदेश कृषि लागत परियोजना कार्यालय जुटे हुए हैं। केंद्र सरकार द्वारा किसानों को बहुउद्देश्शीय खेती करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। सरकार द्वारा आईएफएस मॉडल यानि इंट्रीगेटेड फॉर्मिग सिस्टम का मॉडल तैयार किया जा रहा है। जिसके जरिए किसान, खेती के साथ साथ बागबानी, मुर्गी पालन, पशुपालन आदि कर सकेंगे। जिससे किसान की आय दो गुनी हो सके।
दो लाख किसान एक ही ढर्रे पर चल रहे
आगरा जनपद में लघु एवं सीमांत किसानों की संख्या करीब दो लाख है। आगरा जनपद में बिचपुरी, रायभा, अछनेरा, फतेहपुरसीकरी, सैंया, खेरागढ़, कागारौल, शमसाबाद, फतेहाबाद जैसी जगहों पर किसानों द्वारा गेहूं, सरसों और आलू की खेती की जाती है। किसान इन खेती पर ही निर्भर रहता है और अपने परिवार का भरण पोषण करता है। जबकि सरकार जो योजना तैयार कर रही है। उसमें गेहूं के साथ साथ पशुपालन, मधुमक्खी पालन, डेयरी सहित बहुउद्देश्यीय खेती पर जोर दिया जा रहा है। फील्ड आॅफीसर कृषि लागत परियोजना उत्तर प्रदेश के धर्मवीर सिंह ने बताया कि इसके जरिए किसान अपनी खेती की से आमदनी बढ़ा सकते हैं। सरकार द्वारा किसान की ऐसी योजना बनाई जा रही है, जिसमें क्षेत्र की उपयोगिता के आधार पर खेती का समावेश किया जा सके।
किसानों की दी जा रही जानकारी
सरकार द्वारा किसानों को समय समय पर अपनी आमदनी बढ़ाने के लिए जागरूक किया जा रहा है। किसानों को कम संसाधनों में अधिक आमदनी के तरीके बताए जा रहे हैं। सिंचाई करने के तरीकों से बाकिफ कराया जा रहा है। आगरा क्षेत्र में किसान अधिकांशत: एक ही खेती कर लेते हैं, जिसमें कभी कभी नुकसान हो जाता है। आईएमएस द्वारा संचालित संस्थाएं किसानों को ट्रेनिंग देकर आलू के साथ अन्य खेती या पशुपालन, मधुमक्खी पालन, मुर्गी फॉर्मिग आदि के लिए जागरूक किया जा रहा है।