Taj Mahal News: जालौन उरई के संत मत्स्येंद्र गोस्वामी ने आरोप लगाया कि ताजमहल के अंदर भगवान श्रीकृष्ण की तस्वीरें लगी हैं, जोकि शौचालय के बाहर हैं। वह यह देखकर काफी आहत हुए हैं। उन्होंने कहा कि ताज परिसर के कॉरिडोर से हिंदू देवी-देवताओं की तस्वीरों को वहां से हटाकर बाहर लगाया जाए।
ताजमहल को लेकर आए दिन विवाद गहराता ही जा रहा है। यहां एक बार फिर नया विवाद सामने आया है। अब जालौन उरई के संत मत्स्येंद्र गोस्वामी ने यहां स्मारक परिसर में लगी प्रसिद्ध मंदिरों की तस्वीरों को लेकर आपत्ति जताई है। उन्होंने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा करते हुए आरोप लगाया है कि ताजमहल परिसर में हिंदू देवी-देवताओं की तस्वीरों को शौचालय के पास लगाया गया है। उन्हें तुरंत वहां से हटाया जाए। संत मत्स्येंद्र गोस्वामी ने चेतावनी दी कि यदि शौचालय के पास में लगी हिंदू देवी-देवताओं की तस्वीरें नहीं हटाई गई हैं तो वह आमरण अनशन करेंगे। गौरतलब है कि इससे पहले भी ताजमहल के नीचे 22 कमरों को खोलने की मांग की गई है जिससे मालूम चल सके कि उसके भीतर देवी देवताओं की मूर्तियां और शिलालेख हैं या नहीं?
महंत ने लगाया ये आरोप
बता दें कि जालौन उरई के संत मत्स्येंद्र गोस्वामी ने सोमवार को आगरा स्थित ताजमहल का भ्रमण किया। यहां इस दौरान उन्होंने रॉयल गेट के पश्चिमी कॉरिडोर में स्मारकों और मंदिरों की गैलरी देखी। इस दौरान उन्होंने आरोप लगाया कि ताजमहल के अंदर भगवान श्रीकृष्ण की तस्वीरें लगी हैं, जोकि शौचालय के बाहर हैं। वह यह देखकर काफी आहत हुए हैं। उन्होंने कहा कि ताज परिसर के कॉरिडोर से हिंदू देवी-देवताओं की तस्वीरों को वहां से हटाकर बाहर लगाया जाए। इसे लेकर उनकी एएसआई कर्मियों से कहासुनी भी हुई है।
ताजमहल देखने की याचिका हो चुकी खारिज
गौरतलब है कि इससे पहले पूर्व अयोध्या के संत परमहंस दास ने ताजमहल को तेजोमहालय बताकर नई बहस को जन्म दिया था। उन्होंने ये भी ऐलान किया था कि वह ताजमहल में भूमि पूजन करेंगे। लेकिन ऐसा करने से पुलिस ने उन्हें रास्ते में रोक लिया और एक रात नजरंबद रखा था। इतना ही नहीं ताजमहल के बंद 22 कमरों को खुलवाने की मांग को लेकर अयोध्या के एक भाजपा नेता ने हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ में एक याचिका भी दाखिल की थी, जिसे कोर्ट ने खारिज कर दिया था।