आगरा

एसएन मेडिकल कॉलेज की 200 करोड़ की बिल्डिंग के बेसमेंट में दरार, कांग्रेस जिलाध्यक्ष का गंभीर आरोप

SN Medical College building Cracks in the basement आगरा का एसएन मेडिकल कॉलेज आठ मंजिला सुपर स्पेशियलिटी बिल्डिंग 200 करोड़ रुपए की लागत से बनी है। जिसका शिलान्यास 2019 और लोकार्पण 2023 में किया गया था।

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Jan 22, 2026
फोटो सोर्स- वीडियो ग्रैब 'X' कांग्रेस जिला अध्यक्ष

SN Medical College building Cracks in basement आगरा में 200 करोड़ रुपए की लागत से बनी एसएन मेडिकल कॉलेज सुपर स्पेशलिटी बिल्डिंग के ग्राउंड फ्लोर में दरार आ गई है। कांग्रेस जिलाध्यक्ष रामनाथ सिकरवार ने सोशल मीडिया पर इसका वीडियो वायरल किया है। जिसमें वे दीवार की दरार के बीच लोहे की पत्ती डालते नजर आ रहे हैं। इसके साथ ही वे बता रहे हैं कि किस प्रकार से बिल्डिंग अस्पताल निर्माण में घपला किया गया है। मामला सामने आने के बाद एसएन मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने आनन-फानन दरार वाली जगह की मरम्मत शुरू करवाई। इसके साथ ही जांच करने के भी आदेश दिए गए हैं।

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200 करोड़ रुपए में बनाई गई बिल्डिंग

उत्तर प्रदेश के आगरा में सबसे बड़े अस्पताल एसएन मेडिकल कॉलेज की बिल्डिंग 200 करोड़ रुपए में तैयार हुई थी।‌ जिसके ग्राउंड फ्लोर में दरार आ गई और यह दीवार को आर-पार कर गई। कांग्रेस जिलाध्यक्ष रामनाथ सिकरवार ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल किया है। अपने वीडियो में उन्होंने कहा है कि यहां पर बड़े-बड़े अधिकारी आते हैं, इसके बाद भी यहां पर यह क्या हो रहा है? यह 8 या 10 मंजिल की बिल्डिंग के ग्राउंड फ्लोर की यह स्थिति है। यह दरार काफी लंबी थी।

सुरक्षा कर्मियों ने रोकने का प्रयास किया

वायरल वीडियो में सुपर स्पेशलिटी अस्पताल के सुरक्षाकर्मी कांग्रेस जिलाध्यक्ष को रोकने का प्रयास करते हैं, लेकिन उन्होंने कहा कि वीडियो बनाने से उन्हें कोई रोक नहीं सकता है। इस दौरान उन्होंने गृह मंत्री अमित शाह का भी नाम लिया। उन्होंने बताया कि निर्माण कार्य में कमीशनखोरी हुई है। यदि समय रहते मरम्मत नहीं कराया गया तो कोई बड़ा हादसा और जान माल का नुकसान भी हो सकता है।

क्या कहते हैं प्राचार्य?

सितंबर 2023 में एसएन सुपर स्पेशियलिटी का लोकार्पण किया गया था। तात्कालीन केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने किया था। इस संबंध में प्राचार्य डॉक्टर प्रशांत गुप्ता ने बताया कि जहां यह दरार आई है। वह बिल्डिंग की दीवार नहीं है। इस क्षेत्र का इंजीनियरों ने निरीक्षण किया है। हाई राइज बिल्डिंग में पाइप वगैरह ले जाने के लिए दीवाल बनाई जाती है। यह वही स्थान है। इंजीनियरिंग का कहना है कि शुरुआती दो-तीन साल में इस प्रकार की दिक्कतें आती हैं। जिनको ठीक किया जाता है। खाली स्थान पर यदि कुछ डाला जाएगा तो वह अंदर ही जाएगा। उसे ठीक कराया जा रहा है।

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