
फोटो सोर्स- पत्रिका
Uproar over transfer of judge संभल में एएसपी अनुज चौधरी पर मुकदमा दर्ज करने का आदेश देने वाले जज के ट्रांसफर पर वकीलों ने जमकर हंगामा किया। उन्होंने सरकार और पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। आदेश देने वाले जज के ट्रांसफर को न्याय की हत्या बताया। बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष ने कहा कि विभांशु सुधीर ने न्याय व्यवस्था के लिए अच्छा काम किया है। उनका ट्रांसफर रद्द होना चाहिए। इस ट्रांसफर को एसपी अनुज चौधरी के खिलाफ दिए गए आदेश से जोड़कर देखा जा रहा है। अखिलेश यादव ने भी एक्स पर लिखा कि "सत्य स्थानांतरित नहीं होता है।"
उत्तर प्रदेश के संभल के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट विभांशु सुधीर का नाम 14 जजों के स्थानांतरण सूची में शामिल है। विभांशु सुधीर को सिविल जज सीनियर डिवीजन के पद पर सुल्तानपुर भेजा गया है, जबकि उनकी जगह चंदौसी के सिविल जज सीनियर डिवीजन आदित्य सिंह को स्थानांतरित किया गया है। जिन्होंने संभल के श्री हरिहर मंदिर बनाम शाही जामा मस्जिद दावा पर सर्वे का आदेश दिया था।
मुख्य न्याय के मजिस्ट्रेट विभांशु सुधीर के स्थानांतरण पर वकील लोगों ने जमकर हंगामा किया। सरकार के खिलाफ प्रदर्शन शुरू कर दिया और स्थानांतरण रद्द करने की मांग की। अधिवक्ताओं का कहना था कि यह गलत ट्रांसफर हुआ है। अच्छे जज को सजा देने का अधिकार किसी को भी नहीं है। उन्होंने हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस से मांग की है कि विभांशु सुधीर का स्थानांतरण रद्द किया जाए। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार और प्रशासन के दबाव में विभांशु सुधीर का स्थानांतरण किया गया है। पूर्व अध्यक्ष राजेश यादव ने विभांशु सुधीर की कार्यप्रणाली की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि न्याय व्यवस्था के लिए विभांशु सुधीर अच्छा काम कर रहे थे। उनके कार्यकाल में 8 दिनों में फैसले हुए हैं। एएसपी अनुज चौधरी और पुलिस के खिलाफ स्थानांतरण आदेश के कारण विभांशु सुधीर का स्थानांतरण किया गया है। जिसे रद्द किया जाए।
दरअसल, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट विभांशु सुधीर ने बीते 9 जनवरी को अपर पुलिस अधीक्षक अनुज चौधरी सहित 20 पुलिस कर्मियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया था, जिन पर आरोप है कि संभल हिंसा के दौरान एक युवक को गोली मार दी गई थी। इसके बाद यह मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया था।
Published on:
21 Jan 2026 06:17 pm
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