सर्वधर्म सदभाव की प्रतीक 1111 मीटर की हिंदुस्तानी सतरंगी चादर ताज में चढ़ाई
आगरा।ताजमहल में शाहजहां उर्स का समापन हुआ। रविवार को ताजमहल में मुगल बादशाह शाहजहां के उर्स पर सर्वधर्म सदभाव की प्रतीक 1111 मीटर की हिंदुस्तानी सतरंगी चादर पेश की गई। उर्स के तीसरे दिन सुलहकुल की नगरी से दुनिया को प्रेम और सदभावना का संदेश दिया गया।
हनुमानमंदिर से लाई गई चादर
ताजमहल में शहंशाह शाहजहां के तीन दिवसीय उर्स का रविवार को आखिरी दिन था। रविवार को खुद्दाम ए रोजा कमेटी की तरफ से सर्वधर्म सदभाव की प्रतीक 1111 मीटर की हिंदुस्तानी सतरंगी चादर पेश की गई। ये चादर ताजगंज के दक्षिण गेट स्थित हनुमान मंदिर से ताजमहल की मुख्य गुंबद तक ले जाई गई। यहां से सदभावना का संदेश दिया गया। इस दौरान सैकड़ों अकीदतमंदों ने सजदा किया। वहीं ताजमहल में बिना टिकट हजारों सैलानियों ने मुमताज और शाहजहां की असली कब्र देखी। बता दें कि ये कब्र सिर्फ शाहजहां के उर्स के समय ही खोली जाती है।
संदल चढ़ाया गया
इससे पहले संदल की रस्म हुई थी। दोनों कब्रों पर संदल चढ़ाया गया था। इस मौके पर एएसआई अधिकारी, सीआईएसएफ और खुद्दाम ए रोजा कमेटी के पदाधिकारी मौजूद थे।
हजारों सैलानियों ने देखा फ्री में ताज
तीन दिनों तक ताजमहल में टिकट नहीं ली गई थी। इस दौरान कई टूर आॅपरेटरों ने अपने सैलानियों को मुमताज और शाहजहां की कब्र को पैकेज टूर के रूप में दिखाया। एक अनुमान के मुताबिक तीन दिनों में करीब एक लाख सैलानियों ने ताजमहल देखा है।
सोमवार से सुचारू रहेगी पुरानी व्यवस्था
सोमवार से ताजमहल पर फिर से तीन घंटे की टिकट वैद्यता हो जाएगी। ताजमहल में एक अप्रैल से समय सीमा तय कर दी गई है। जो सैलानी तीन घंटे से अधिक ताजमहल में रहते हैं उनका टिकट लौटने समय जांचा जाता है और जुर्माने के तौर पर एक अन्य टिकट लेना होता है।