आगरा

विहिप कार्यकर्ता कर लेंगे आत्मदाह अगर रिलीज हुई पद्मावत

फिल्म पद्यमावत का विरोध करेंगे विहिप कार्यकर्ता, बनाई गई टीमें

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Jan 24, 2018

आगरा। 25 जनवरी से संजय लीला भंसाली की फिल्म पद्मावत सिनेमाघरों में रिलीज हो रही है। इस फिल्म का विरोध क्षत्रिय समाज द्वारा किया जा रहा है। वहीं विश्व हिंदू परिषद भी विरोध में उतर आई है। बुधवार को आगरा में विश्व हिंदू परिषद के नेताओं ने एलान किया कि फिल्म पद्मावत का विरोध किया जाएगा। विहिप के नेताओं ने कहा कि फिल्म में जिस प्रकार से इतिहास के मूल तथ्यों से साथ खिलवाड़ किया गया है। उससे हिन्दुओं की भावनाएं आहत हुईं हैं। कई बार फिल्म निर्माता से आग्रह करने के बाद भी विवादित तथ्यों को फिल्म से हटाया नहीं गया है। देशभर के हिन्दुओं की भावनाओं के साथ सम्मान का भाव रखते हुए विश्व हिन्दू परिषद, ब्रजप्रांत ने फिल्म के प्रसारण का विरोध करते हुए, इसके प्रसारण को तत्काल प्रतिबंधित करने की मांग की है।

आत्मदाह की चेतावनी
विश्व हिन्दू परिषद के ब्रजप्रांत उपाध्यक्ष सुनील पाराशर ने कहा कि विहिप के अंतर्राष्ट्रीय कार्याध्यक्ष डाॅ. प्रवीण भाई तोगड़िया ने भी कहा है कि फिल्म में जिस प्रकार से इतिहास के साथ खिलवाड़ किया है, उसको हिन्दुओं की भावनाओं को आहत करने वाला कदम बताया है। डाॅ. प्रवीण भाई के मार्गदर्शन के बाद सुनील पाराशर ने कहा कि अगर आगरा, अलीगढ़, मथुरा सहित संपूर्ण प्रांत में इस विवादित फिल्म का प्रसारण तुरंत रोका जाए। सुनील पाराशर ने कहा कि विहिप कार्यकर्ता फिल्म का पुरजोर तरीके से विरोध करेंगे। उन्होंने कहा कि अगर फिल्म का प्रसारण किया जाता है, तो वह आत्मदाह कर लेंगे।

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हिंदू भाई बहनों से बहिष्कार की अपील
उन्होंने लोगों से अपील की है कि हिन्दूओं के स्वाभिमान को अमर करने वाली मां पद्मावती के जौहर का सम्मान करते हुए सभी हिन्दू भाई, बहनों को इस फिल्म का बहिष्कार करना चाहिए। फिल्म का विरोध व लोगों को जागरूक करने के लिए विहिप कार्यकर्ताओं की टोलियां गठित की हैं। जिसमें गोविदं पाराशर, बंटी ठाकुर, दिग्विजय दौनेरिया, दिग्विजयनाथ तिवारी, अनुपम पंडित, राजेश शर्मा, अनुप वर्मा आदि कार्यकर्ताओं के नेतृत्व में फिल्म दिखा रहे सिनेमाघरों पर विरोध प्रदर्शन किया जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। विहिप महानगर मंत्री राजीव शर्मा ने कहा कि जलीकट्टू के निर्णय को कोर्ट के निणर्य के बाद ने सरकार ने बदल दिया था। हमारी मांग है कि केंद्र सरकार इस निर्णय को वापस ले और कोर्ट के निर्णय को बदले। उन्होंने कहा कि फिल्म सेंसर बोर्ड भी केंद्र सरकार का है। जब फिल्म के निमार्ण के समय से ही इसका विरोध हो रहा था। तब सरकार ने इस विषय पर ध्यान क्यों नहीं दिया। क्या सरकार को यह नहीं पता कि जब रानी पद्यमावती ने आग में जौहर किया तो उसके साथ हिन्दुओं की सभी जाति, संप्रदाय की नारी शक्ति भी सम्म्लित थी। विहिप महानगर अध्यक्ष दीपक अग्रवाल ने कहा कि जो लोग फिल्म का समर्थन कर रहे हैं, वह लोग औरंगजेब पर फिल्म बनाएं और देखें।

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Published on:
24 Jan 2018 03:39 pm
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