उनके हाथ में बंदूकें हैं और वे हर सड़क पर हर गली में फैल गये हैं उन्होंने अपने विवेक को गोली मार दी है
आगरा। एपल कंपनी के एरिया मैनेजर विवेक तिवारी को शुक्रवार देर रात लखनऊ के गोमती नगर इलाके में उस समय गोली मार दी गई जब वे अपनी सहकर्मी को उसके घर छोडऩे जा रहे थे। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि विवेक तिवारी को बेहद करीब से गोली मारी गई थी। इस सनसनीखेज वारदात के बाद मामला काफी गरमा गया है। वरिष्ठ कवि और पत्रकार ड़ॉ. सुभाष राय ने इस घटनाक्रम पर लिखा है-
पागलों ने वर्दियां पहन ली हैं
उनके हाथ में बंदूकें हैं
और वे हर सड़क पर
हर गली में फैल गये हैं
उन्होंने अपने विवेक को गोली मार दी है
अब वे किसी को भी गोली मार सकते हैं
बच्चों को, बूढ़ों को, आपको, मुझे भी
पता नहीं हमारा नंबर कब आ जाए
डॉ. सुभाष राय ने अपने फेसबुक प्रोफाइल पर ये पंक्तियां पोस्ट की हैं। इसके बाद लगातार प्रतिक्रिया मिल रही है। मेहदी अब्बास रिजवी ने लिखा है- पता नहीं हमारा नंबर कब आ जाये। अब तो पुलिस और ठोक दो कहने वालों पर भरोसा ही नहीं रहा। सुभाष नीरव ने प्रतिक्रिया दी है- आज के भयाक्रांत समय में कुछ भी हो सकता है।अरुण अर्नव खरे का कहना है- समय की सच्ची तस्वीर है ये कविता। गुरुचरन सिंह ने सवाल उठाया है कि इसके लिए ज़िम्मेदार कौन? माधव रॉय ने लिखा है कि मुझे भी ऐसा ही लगता है।
पुलिस वाले निलंबित
विवेक तिवारी की हत्या नजदीक से गोली मार कर की गई थी। इसका खुलासा पोस्टमार्टम करने वाले डाक्टर ने किया है। पोस्टमार्टम करने वाले डाक्टर की मानें तो गोली बेहद नजदीक से मारी गई थी। वहीं दोषी पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया गया है। उनके ऊपर 302 का केस दर्ज किया गया है।
घटना को शर्मनाक
अपर पुलिस महानिदेशक कानून एवं व्यवस्था आनंद कुमार ने बताया कि इस मामले में हत्या का केस दर्ज कर लिया गया है। आरोपियों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने इस घटना को शर्मनाक बताते हुए उन्होंने कहा कि पुलिस की ओर से विवेक के चरित्र पर कोई सवाल नहीं उठाए गए हैं। इलाज के दौरान विवेक की मौत हो गई। कार पर फायर करने वाले कॉन्स्टेबल प्रशांत चौधरी को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
सिर में गोली मारी
इस बीच एकमात्र चश्मदीद सना खान ने बताया, पुलिस वाले ने विवेक की कार के आगे बाइक खड़ी की। फिर तैश में आकर सामने से उन्हें गोली मार दी। इसके बाद विवेक की गाड़ी एक खंबे से टकरा गई। विवेक ने पत्नी को फोन पर बताया था कि वे सना को छोडऩे के बाद घर पहुंचेंगे। इसके बाद गोमती नगर इलाके में पुलिस ने उन्हें रोकना चाहा, विवेक ने गाड़ी नहीं रोकी तो कांस्टेबल प्रशांत चौधरी ने उन पर गोली चलाई। इसके बाद विवेक की गाड़ी एक खंबे से टकरा गई। गंभीर हालत में विवेक को लोहिया अस्पताल ले जाया गया जहां उनकी मौत हो गई। सुल्तानपुर के रहने वाले विवेक तिवारी की पत्नी और दो बेटियां हैं।