-मुख्यमंत्री, पार्टी प्रदेश अध्यक्ष दोनों ही अहमदाबाद से, सीएम पश्चिम से तो पार्टी प्रदेश अध्यक्ष पूर्वी क्षेत्र से
Ahmedabad. गुजरात की राजनीति में अहमदाबाद शहर पावर का नया केन्द्र बन गया है। ऐसा इसलिए है क्योंकि गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल और पार्टी के नए प्रदेश अध्यक्ष बनने जा रहे जगदीश विश्वकर्मा दोनों ही अहमदाबाद शहर से ही आते हैं। मुख्यमंत्री पटेल जहां पश्चिमी अहमदाबाद के घाटलोडिया विधानसभा क्षेत्र से विधायक हैं, वहीं विश्वकर्मा पूर्वी अहमदाबाद के निकोल सीट से विधायक के रूप में जीत की हैट्रिक लगा चुके हैं। ऐसे में राजनीति के गलियारों में चर्चा है कि राज्य की सत्ता का मुख्य केंद्र अहमदाबाद शहर हो गया है। सरकार हो या संगठन सभी निर्णय अहमदाबाद से ही होंगे।
गुजरात भाजपा के नए अध्यक्ष बनने जा रहे विश्वकर्मा के सामने वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव के 156 सीटों के रेकॉर्ड परिणाम को 2027 के विधानसभा चुनाव में बरकरार रखना बड़ी चुनौती है। पदभार ग्रहण करने के बाद उनकी पहली परीक्षा अहमदाबाद सहित अन्य महानगर पालिकाओं व अन्य स्थानीय निकाय चुनाव है। शहरी क्षेत्रों में भाजपा मजबूत मानी जाती है।
गुजरात में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) की आबादी 49 फीसदी से ज्यादा है। ऐसे में सभी राजनीतिक दलों के लिए यह वोट बैंक काफी मायने रखता है। यही वजह है कि कांग्रेस ने ओबीसी चेहरे अमित चावड़ा को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष पद की कमान सौंपी है। उधर आम आदमी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष के पद पर भी ओबीसी से आने वाले ईसुदान गढ़वी जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। अब भाजपा ने भी ओबीसी चेहरे जगदीश विश्वकर्मा को प्रदेश भाजपा अध्यक्ष बनाने का निर्णय किया है। ऐसे में तीनों ही प्रमुख राजनीतिक दलों के प्रदेश अध्यक्ष ओबीसी से हैं।
1-ए.के. पटेल: 1982 से 1985 (3 वर्ष)
2-शंकरसिंह वाघेला :1985 से 1993 (8 वर्ष)
3-काशीराम राणा: 1993 से 1996 (3 वर्ष)
4-वजुभाई वाला: 1996 से 1998 (2 वर्ष)
5-राजेंद्रसिंह राणा: 1998 से 2005 (7 वर्ष)
6-वजुभाई वाला: 2005 से 2006 (1 वर्ष, 150 दिन)
7-परषोत्तम रूपाला: 2006 से 2010 (3 वर्ष, 98 दिन)
8-आर. सी. फळदू: 2010 से 2016 (6 वर्ष, 18 दिन)
9-विजय रूपाणी: फ़रवरी 2016 से अगस्त 2016 (173 दिन)
10-जीतू वाघाणी: 2016 से 20 जुलाई 2020 (3 वर्ष, 345 दिन)
11-सी. आर. पाटिल: 20 जुलाई 2020 से वर्तमान तक (कार्यरत)