Ahmedabad, IIT Gandhinagar, New jersey, Governor Phil Murphy, Director sudheer jain, Mou Four universityकोई भी बन सकता है हीरो, साहस, जूनून जरूरी: मर्फी, आईआईटी गांधीनगर ने न्यूजर्सी के चार विश्वविद्यालयों से किया करार
अहमदाबाद. IIT Gandhinagar भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) गांधीनगर के विद्यार्थियों से America अमरीका के New jersey न्यूजर्सी राज्य के Governor Phill murphy गर्वनर फिल मर्फी ने कहा कि आप में से कोई भी hero हीरो बन सकता है। जरूरत है courage साहस और passion जुनून की। सिस्टम में विश्वास की।
वे शनिवार को आईआईटी गांधीनगर में आयोजित Town hall टाउन हॉल कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि भारत और अमरीका के लिए देश की बहुविधभाषा, संस्कृति, क्षेत्रीयता की विविधता ही शक्ति है। यदि हमें बेहतर सशक्त समाज बनना है तो हमें सबको साथ में लेकर चलना होगा। एक ही टेबल पर महिलाएं, एलजीबीटी, दलित, पिछड़े एवं सभी समाज के वर्ग की उपस्थिति सुनिश्चित करनी होगी।
उन्होंने महात्मा को वैश्विक हीरो बताते हुए कहा कि हीरो में साहस होता है। गांधीजी का अहिंसावाद और पिछड़ों के उत्थान के सिद्धांत प्रेरक हैं।
उन्होंने विद्यार्थियों की ओर से पूछे गए वीजा से जुड़े सवालों और अमरीका में होने जा रहे चुनावों के दौरान सोशल मीडिया के उपयोग एवं दुरुपयोग से संबंधित सवालों का भी जवाब दिया।
न्यूजर्सी की 4 यूनिवर्सिटी के साथ आईआईटी गांधीनगर का करार
आईआईटी गांधीनगर में शनिवार को न्यूजर्सी के गर्वनर फिल मर्फी की उपस्थिति में न्यूजर्सी की चार university यूनिवर्सिटियों Ne jersey city university न्यूजर्सी सिटी यूनिवर्सिटी, New jersey institute of technology न्यूजर्सी इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, Rowan university रोवन यूनिवर्सिटी एवं Rutgers university रुट्गर्स यूनिवर्सिटी ने IIT Gandhinagar आईआईटी गांधीनगर के साथ Mou एमओयू पर हस्ताक्षर किए।
आईआईटी गांधीनगर के निदेशक Sudeer jain प्रो.सुधीर जैन ने बताया कि एमओयू के तहत न्यूजर्सी के चारों ही विश्वविद्यालयों के विद्यार्थी और प्रोफेसर Education शिक्षा एवं research शोध में मिलकर काम करेंगे। आईआईटी के विद्यार्थी न्यूजर्सी के इन चारों ही विश्वविद्यालयों में पढ़ाई एवं शोध के लिए जाएंगे तो वहां के विद्यार्थी और प्रोफेसर भी यहां आएंगे। जैन ने कहा कि आईआईटी गांधीनगर के स्नातक कोर्स के ४० फीसदी और पीएचडी के 75 प्रतिशत विद्यार्थी विदेशों में पढ़ाई, इन्टर्नशिप, शोध के लिए जाते हैं। ८० फीसदी फैकल्टी विदेश में पढ़ी है।