अहमदाबाद

Ahmedabad News: दुनिया से विदा होकर भी 3 मरीजों को नई जिंदगी दे गए वीरेंद्र गोहड़िया, पत्नी ने पति का कराया अंगदान

Organ Donation: अहमदाबाद सिविल अस्पताल में ब्रेनडेड मरीज के परिजनों ने अंगदान का फैसला लेकर तीन मरीजों को नई जिंदगी देने का रास्ता खोला। मरीज का लिवर और दोनों किडनी जरूरतमंद लोगों के प्रत्यारोपण के लिए दान की गई हैं।
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Organ Donation
ब्रेनडेड मरीज के परिजन और चिकित्सक। फोटो- पत्रिका

अहमदाबाद। सिविल अस्पताल में एक और ब्रेनडेड मरीज के परिजनों ने प्रेरणादायी निर्णय लेते हुए उसके लिवर और दोनों किडनी का दान किया है। इससे उपचाराधीन तीन जरूरतमंद मरीजों को नया जीवन मिल सकेगा। सिविल अस्पताल के अधीक्षक डॉ. राकेश जोशी ने बताया कि अस्पताल में यह 248 वां ब्रेनडेड मरीज का अंगदान है। बापूनगर के 53 वर्षीय वीरेंद्र गोहड़िया को हाई ब्लड प्रेशर के कारण 13 जुलाई को ब्रेन स्ट्रोक आया था।

ब्रेन डेड घोषित किया

उन्हें पहले सिंगरवा सरकारी अस्पताल ले जाया गया, जहां से बेहतर उपचार के लिए अहमदाबाद सिविल अस्पताल रेफर किया गया। सिविल अस्पताल के आइसीयू में चिकित्सकों ने तीन दिन तक उनका इलाज किया, लेकिन तमाम प्रयासों के बावजूद स्थिति में सुधार नहीं हुआ। चिकित्सकों ने 16 जुलाई को उन्हें ब्रेन डेड घोषित कर दिया। ब्रेन डेड घोषित किए जाने के बाद सिविल अस्पताल की अंगदान टीम के डॉ. अभिषेक बारोट ने परिजनों को ब्रेन डेड की स्थिति और अंगदान के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी।

पति के अंगदान पर दी सहमति

कठिन और दुखद समय में वीरेंद्र की पत्नी अनिताबेन ने साहस का परिचय देते हुए अपने पति के अंगदान के लिए सहमति दी। परिवार की अनुमति मिलने के बाद प्राप्त एक लिवर और दोनों किडनी का प्रत्यारोपण सिविल मेडिसिटी परिसर स्थित इंस्टीट्यूट ऑफ किडनी डिजीज एंड रिसर्च सेंटर में उपचाराधीन जरूरतमंद मरीजों में किया जाएगा।

पहले भी हुआ अंगदान

गौरतलब है कि इससे पहले गुजरात के खेड़ा जिले में एक एक किसान के अंगदान से सात लोगों को नया जीवन मिला था। 39 वर्षीय मनुभाई परमार सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हो गए थे। सिर में गहरी चोट लगने के बाद उन्हें अहमदाबाद के सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों ने उन्हें बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन इलाज के दौरान उन्हें ब्रेन-डेड घोषित करना पड़ा। डॉक्टरों ने मनुभाई के परिवार को अंगदान के बारे में जानकारी दी।

इसके बाद उनकी पत्नी अरखाबेन और परिवार के अन्य सदस्यों ने अंगदान के लिए सहमति दे दी। मनुभाई का दिल, लिवर, दोनों किडनी, दोनों आंखें और त्वचा दान की गई। लिवर और किडनी का प्रत्यारोपण अहमदाबाद सिविल अस्पताल परिसर स्थित किडनी अस्पताल में किया गया। दिल को प्रत्यारोपण के लिए सीआईएमएस अस्पताल भेजा गया। वहीं, आंखें एम एंड जे नेत्र अस्पताल को दी गईं और त्वचा को सिविल अस्पताल के स्किन बैंक में सुरक्षित रखा गया।

Updated on:
18 Jul 2026 09:00 pm
Published on:
18 Jul 2026 08:56 pm