अहमदाबाद

Raksha Bandhan 2026: भाई का दिल धड़कता मिला तो छलक पड़े आंसू, रक्षाबंधन पर निधि ने रविराज की कलाई पर बांधी राखी

Emotional Raksha Bandhan: सूरत में रक्षाबंधन पर दिवंगत शैशव पटेल की बहन निधि ने उसके हृदय प्रत्यारोपण से नया जीवन पाने वाले रविराज महिडा की कलाई पर राखी बांधी। निधि ने रविराज के सीने पर हाथ रखकर भाई की धड़कन महसूस की और कहा कि शैशव आज भी उनके बीच धड़क रहा है।
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Rakshabandhan Human Angle Story
रविराज को राखी बांधती बहन। फोटो- पत्रिका

सूरत। रक्षाबंधन का त्योहार बहन-भाई के पवित्र प्रेम और सुरक्षा का प्रतीक माना जाता है, लेकिन सूरत में इस पावन पर्व पर मानवता और संवेदनाओं का एक ऐसा भावुक दृश्य देखने को मिला, जिसने हर किसी की आंखें नम कर दीं। एक तरफ दिवंगत भाई की यादों का समंदर था, तो दूसरी तरफ उसी भाई की धड़कन को महसूस करती एक बहन का असीम स्नेह। स्वर्गीय शैशव पटेल की बहन निधि ने जब रविराज महिडा की कलाई पर रक्षासूत्र बांधा, तो मानो एक राखी ने दो अनजाने परिवारों को खून के रिश्ते से भी गहरे बंधन में बांध दिया।

डॉक्टरों ने ब्रेनडेड घोषित किया था

जानकारी के अनुसार 18 मार्च 2023 को सूरत के 24 वर्षीय मैकेनिकल इंजीनियर शैशव गिरीशभाई पटेल को डॉक्टरों ने ब्रेनडेड घोषित कर दिया था। इस दुख के क्षण में भी पटेल परिवार ने साहस और दानवीरता का परिचय दिया। 'डोनेट लाइफ' संस्था के माध्यम से शैशव के हृदय, फेफड़े, लिवर, किडनी और आंखों का दान किया गया। मार्च 2023 में ही महावीर अस्पताल में शैशव का हृदय हांसोट तहसील के निवासी 22 वर्षीय रविराज विक्रमसिंह महिडा में सफलतापूर्वक प्रत्यारोपित किया गया।

'मेरा भाई आज भी हमारे बीच सांस ले रहा है'

रक्षाबंधन पर निधि अपनी मां मनीषाबेन और परिजनों के साथ रविराज के गांव पहुंची। जैसे ही निधि ने रविराज के सीने पर हाथ रखकर अपने दिवंगत भाई की धड़कन को महसूस किया और कलाई पर राखी बांधी, वहां मौजूद सभी लोगों के आंसू छलक पड़े। भावुक होकर रविराज ने कहा, शैशव के दिल ने मुझे न केवल नया जीवन दिया, बल्कि निधि के रूप में एक प्यारी बहन भी दी है। यह राखी सिर्फ मेरी कलाई पर नहीं, हमारे दिलों पर बंधी है। वहीं, बिलखते हुए निधि ने कहा कि मेरा भाई भले ही शारीरिक रूप से साथ न हो, लेकिन वह रविराज के रूप में हमारे बीच ही धड़क रहा है।

अंगदान से 1286 लोगों की जिंदगी में नई रोशनी

'डोनेट लाइफ' के संस्थापक एवं पद्मश्री नीलेश मांडलेवाला ने बताया कि अंगदान केवल जीवन नहीं बचाता, बल्कि रिश्तों को नया आयाम देता है। संस्था के प्रयासों से अब तक 1395 अंगों और टिश्यूज के दान से 1286 लोगों को नया जीवन और दृष्टि मिली है, जिनमें 59 हृदय प्रत्यारोपण शामिल हैं।

Updated on:
28 Aug 2026 03:51 pm
Published on:
28 Aug 2026 03:49 pm