
हिम्मतनगर। गुजरात के पूर्व शिक्षा मंत्री और इडर विधानसभा क्षेत्र से भाजपा विधायक रमणलाल वोरा को कृषि भूमि खरीदने के मामले में किसान के रूप में अयोग्य घोषित किया गया है। कृषि पंच और इडर तहसीलदार ने वोरा की ओर से इडर तहसील के दावड गांव में खरीदी गई करीब 2.44 हेक्टेयर कृषि भूमि सरकार के नाम दर्ज करने का आदेश दिया है।
जानकारी के अनुसार साल 2023 में विधायक रमणलाल वोरा, पत्नी कुसुम वोरा के अलावा सुहाग वोरा और भूषण वोरा के नाम पर दावड गांव में कृषि भूमि खरीदी गई थी। भूमि खरीद के समय किसान होने के प्रमाण के रूप में वर्ष 2004 में दस्क्रोई के तत्कालीन तहसीलदार की ओर से जारी किसान प्रमाण-पत्र प्रस्तुत किया गया था। बाद में इस प्रमाण-पत्र की जांच के लिए मामला घाटलोडिया के तहसीलदार (कृषि पंच) को भेजा गया। जांच रिपोर्ट में वर्ष 2004 में जारी किसान प्रमाण-पत्र को गुजरात गणोत व्यवस्था एवं कृषि भूमि अधिनियम के उल्लंघन के आधार पर संदिग्ध माना गया।
इसके बाद संबंधित पक्षों को किसान होने के प्रमाण प्रस्तुत करने के लिए नोटिस जारी किए गए। मामले की सुनवाई के दौरान इडर तहसीलदार एवं कृषि पंच की अदालत में यह भी सामने आया कि संबंधित भूमि का बाद में अन्य व्यक्ति के नाम हस्तांतरण किया गया था। मामले में भाजपा विधायक रमणलाल वोरा परिवार के अलावा महेश कांतिलाल पटेल, मुरताज खणुसिया, एजाज खणुसिया, इकबाल विजापुरा और पार्थ पारिख समेत अन्य लोगों के नाम भी शामिल हैं।
इडर तहसीलदार ने हाल ही में आदेश जारी करते हुए दावड गांव की इस भूमि के विक्रय लेन-देन को गणोत धारा के तहत अमान्य घोषित कर दिया और भूमि को सरकार के नाम दर्ज करने के निर्देश दिए हैं। दावड गांव की कृषि भूमि से जुड़े मामले में अहमदाबाद के शाहवाड़ी क्षेत्र निवासी प्रकाश एल. परमार की ओर से दायर शिकायत को आधार माना गया था। इसके अलावा रमणलाल वोरा परिवार की ओर से दावड गांव में खरीदी गई अन्य कृषि भूमि को लेकर भी अलग मामला लंबित बताया जा रहा है। बता दें कि गुजरात की इडर सीट पर भाजपा के रमनलाल वोरा ने कांग्रेस के रामभाई सोलंकी को 39440 मतों से हराया था। इडर विधानसभा सीट भाजपा का गढ़ मानी जाती है। भाजपा यहां पिछले 33 सालों से लगातार परचम लहरा रही है।