
जामनगर। गुजरात के भावनगर जिले के त्रापज गांव में सड़क हादसे में बेटे की मौत के कुछ दिन बाद उसकी मां की भी हार्ट अटैक से मौत हो गई। 49 वर्षीय बेटे को खोने का सदमा मां सहन नहीं कर सकीं। परिवार में पहले बेटे की मौत का मातम था, इसी बीच मां के निधन से दुख और गहरा हो गया। जानकारी के अनुसार गत 6 अक्टूबर की सुबह त्रापज गांव के पास भीषण सड़क हादसा हुआ था।
इस हादसे में जान गंवाने वाले सात लोगों में भावनगर निवासी प्रितेश भायाणी (49) भी शामिल थे। उनकी अचानक मौत की खबर से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा था। बेटे की मौत के बाद उनकी मां ज्योत्सना, जिन्हें जयश्रीबेन भायाणी के नाम से भी जाना जाता था, गहरे सदमे में थीं। बेटे को खोने का दुख उन्हें लगातार परेशान कर रहा था।
मृतक प्रितेश के भाई भावेश भायाणी के अनुसार, ज्योत्सना को अचानक दिल का दौरा पड़ा। उन्हें बचाने के लिए मौके पर मौजूद लोगों ने तुरंत मदद की। लोगों ने सीपीआर देने सहित प्राथमिक उपचार के प्रयास किए। इसके बाद 108 एंबुलेंस को बुलाया गया, ताकि उन्हें जल्द से जल्द अस्पताल पहुंचाया जा सके। हालांकि, तमाम प्रयासों के बावजूद ज्योत्सना की जान नहीं बच सकी। अस्पताल ले जाते समय रास्ते में ही उन्होंने दम तोड़ दिया। मां की मौत की खबर से परिवार और परिचितों में शोक छा गया।
भायाणी परिवार के लिए कुछ ही दिनों में दो अपनों को खोने का दुख असहनीय हो गया। पहले सड़क हादसे में 49 वर्षीय प्रितेश की मौत हुई और अब उनकी मां ज्योत्सना भी दुनिया से विदा हो गईं। बेटे की मौत के बाद परिवार अभी इस दुख से उबर भी नहीं पाया था कि मां के निधन ने सभी को झकझोर दिया। इस घटना से त्रापज गांव और आसपास के क्षेत्र में शोक का माहौल है। एक ही परिवार में मां-बेटे की मौत की खबर सुनकर लोग दुख जता रहे हैं। वहीं दूसरी तरफ भावनगर जिले की गारियाधार तहसील के विरडी गांव में अवैध खनिज चोरी का विरोध करने पर एक प्रौढ़ की हत्या कर दी गई। मृतक के भतीजे ने आरोप लगाया कि गांव में कथित तौर पर हो रही अवैध खनिज चोरी को लेकर टोका-टाकी करने की रंजिश में महिला समेत पांच लोगों ने घर में घुसकर प्रौढ़ पर लाठी-डंडों और पाइप से हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल प्रौढ़ ने अस्पताल में उपचार के दौरान दम तोड़ दिया।