राज्यपाल एवं कुलाधिपति कल्याण सिंह ने मामले की जांच कराने के बाद प्रो. अग्रवाल को निलंबित कर दिया था।
अजमेर.
भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (Anti curruption bureu) ने महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय से (mdsu ajmer)पूर्व मैनेजमेंट विभागाध्यक्ष (management dept) प्रो. सतीश अग्रवाल को दिए गए वेतन-भत्तों का ब्यौरा मांगा है। जानकारी (information) नहीं देने पर विश्वविद्यालय को नोटिस जारी हो सकता है।
भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने पिछले साल प्रो. सतीश अग्रवाल (satish agrawal) को 15 अक्टूबर को एक शोधार्थी से 50 हजार रुपए रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा था। वे कई दिन न्यायिक अभिरक्षा (Judicial custody) में रहे थे। बाद में उन्हें जमानत (bail) मिल गई थी। राज्यपाल एवं कुलाधिपति कल्याण सिंह (kalyan singh) ने मामले की जांच कराने के बाद प्रो. अग्रवाल को निलंबित कर दिया था।
मांगा वेतन-भत्तों का ब्यौरा
भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने विश्वविद्यालय के कार्यवाहक कुलसचिव (registrar) को पत्र भेजकर प्रो. अग्रवाल को दिए गए वेतन-भत्तों (salary-allowances) का ब्यौरा मांगा है। कुलसचिव ने लेखा विभाग को इस संबंध में पत्रावली (file) भेजी, लेकिन कोई जानकारी नहीं मिली है। उधर ब्यूरो ने भी सूचना नहीं मिलने पर नोटिस जारी (norice issue) करने की तैयारी कर ली है।
विश्वविद्यालय नहीं कर पाया जांच
अग्रवाल के मामले में विश्वविद्यालय अब तक आंतरिक जांच कमेटी (internal inquiry committee) बनाकर जांच नहीं करा पाया है। कुलपति प्रो. आर. पी. सिंह (r.p. singh) के कामकाज पर लगी रोक भी सबसे बड़ी अड़चन है। डीन कमेटी भी कार्यरत नहीं है। नियमानुसार इसके लिए कुलपति या राजभवन की अनुमति जरूरी है।
एसीबी ने प्रो. अग्रवाल को दिए गए वेतन-भत्तों का संपूर्ण ब्यौरा मांगा है। इसकी कवायद जारी है।
भागीरथ सोनी, कार्यवाहक कुलसि