
Ajmer Crime : अजमेर के नसीराबाद सदर थाना क्षेत्र के दिलवाड़ा बाइपास स्थित महेश विहार कॉलोनी में शुक्रवार सुबह बदमाशों ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के अधिकारी बनकर ऑटो पार्ट्स और ट्रांसपोर्ट व्यवसायी अनिल माहेश्वरी के घर दिनदहाड़े फिल्मी अंदाज में डकैती की वारदात को अंजाम दिया। आरोपी रेड का डर दिखाकर महज 12 मिनट में करीब तीन करोड़ रुपए के जेवर और नकदी समेटकर फरार हो गए। अजमेर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीन घंटे में छह आरोपियों को गिरफ्तार कर लूटा गया माल बरामद कर लिया।
अजमेर के एसपी हर्षवर्धन अग्रवाला के अनुसार, शुक्रवार सुबह करीब 11.30 बजे काले रंग की स्कॉर्पियो में सवार छह युवक व्यापारी के घर पहुंचे। उस समय घर पर महिलाएं, व्यापारी का बेटा और काम करने वाली महिला मौजूद थे। आरोपियों ने खुद को ईडी अधिकारी बताकर तलाशी शुरू कर दी। विरोध करने पर व्यापारी के कार्यालय पर भी रेड डालने की धमकी दी। इसके बाद लॉकर खुलवाकर जेवर, नकदी और मोबाइल फोन लेकर फरार हो गए। वारदात के समय व्यापारी और उनके परिजन प्रतिष्ठान पर थे।
एसपी हर्षवर्धन अग्रवाला ने बताया कि आरोपी देवेन्द्र उर्फ देवा पहले अनिल माहेश्वरी के यहां वर्ष वर्ष 2016 से 2021 तक काम कर चुका था। उसे परिवार की आर्थिक स्थिति, घर और प्रतिष्ठान की गतिविधियों की जानकारी थी। इसी का फायदा उठाकर गिरोह ने करीब एक माह तक मकान और ऑफिस की रेकी की, घर में दिन के समय कौन मौजूद रहता है, इसकी जानकारी जुटाकर सुबह का समय चुना, और वारदात को अंजाम दिया।
एसपी हर्षवर्धन अग्रवाला ने बताया कि वारदात की जानकारी मिलते ही नसीराबाद सदर थाना पुलिस ने सूचना कर दी। महज पन्द्रह मिनट में जिले और प्रदेशभर में अलर्ट व नाकाबंदी जारी कर सीसीटीवी फुटेज के आधार पर संदिग्धों की तलाश शुरू की गई। सूचना के 3 घंटे के भीतर छह आरोपियों को अजमेर में अलग-अलग स्थानों से गिरफ्तार कर लिया।
एसी अग्रवाला ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों में आदर्शनगर के माखूपुरा निवासी देवेन्द्र कोली(33 वर्ष), सेंदरिया निवासी संजय रावत (34 वर्ष), धोलाभाटा निवासी रविकांत उर्फ रवि (40 वर्ष), यूपी बलिया हाल परबतपुरा निवासी अमित हरिजन (26 वर्ष), नागौर के थांवला हाल परबतपुरा निवासी तारू रेगर (39 वर्ष) व माखूपुरा निवासी देवा उर्फ देवेन्द्रसिंह रावत(20 वर्ष) शामिल हैं। पुलिस ने आरोपियों से लूटा गया माल बरामद किया है।