अजमेर

हृदयविदारक घटना: कुत्तों ने डेढ़ माह के बच्चे का पेट बुरी तरह फाड़ा, डॉक्टरों ने बताया- पहली बार देखा ऐसा केस, मौत

Ajmer Dog Attack: पीसांगन में कुत्तों के हमले में घायल डेढ़ महीने के बच्चे की 4 दिन इलाज के बाद मौत हो गई।
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Apr 28, 2026
Street Dog Attack On baby
कुत्तों का हमला Image Source: Gemini

अजमेर: जिले के पीसांगन क्षेत्र से एक बेहद दर्दनाक खबर सामने आई है। यहां कालेसरा गांव में झोपड़ी के अंदर सो रहे डेढ़ महीने के मासूम पर आवारा कुत्तों ने हमला कर दिया। कुत्तों ने बच्चे का पेट बुरी तरह फाड़ दिया, जिससे उसकी आंतें बाहर आ गईं।

गंभीर हालत में उसे अजमेर के जेएलएन हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया, जहां चार दिन तक जिंदगी और मौत के बीच जूझने के बाद मंगलवार सुबह 7 बजे बच्चे की मौत हो गई।

झोपड़ी में सो रहा था बच्चा, मां बाहर बना रही थी खाना

यह घटना 24 अप्रैल की रात की है। अजमेर के कालेसरा गांव में रहने वाली केलम अपने घर के बाहर खाना बना रही थीं। उनके पति मकरम काम पर गए हुए थे। झोपड़ी के अंदर डेढ़ महीने का बेटा सावरा और 3 साल का बड़ा बेटा अरविंद सो रहे थे।

इसी दौरान कुछ आवारा कुत्ते झोपड़ी में घुस गए और सीधे छोटे बेटे सावरा पर हमला कर दिया। बड़ा बेटा अरविंद कंबल ओढ़कर सो रहा था, इसलिए वह कुत्तों की नजर में नहीं आया। हमला इतना खतरनाक था की बच्चे को कई गंभीर चोटें आई।

मां ने अपनी पूरी जान लगाकर बच्चे को छुड़ाया

मां बताती है कि जब वह घर के बाहर खाना बना रही थी तब अचानक बच्चे के रोने की आवाज आई। जब वह भागकर अंदर पहुंचीं तो देखा की एक कुत्ते ने बच्चे को मुंह में दबा रखा था और बाकी कुत्ते आसपास थे। केलम ने अपनी पूरी जान लगाकर किसी तरह बच्चे को कुत्ते के जबड़े से छुड़ाया।

इसके बाद वह खुद बच्चे के ऊपर लेट गईं, तब जाकर कुत्ते वहां से भागे। जैसे घटना की सूचना पिता अकरम को मिली वे तुरंत किराए की गाड़ी लेकर घर पहुंचे और गंभीर रूप से घायल बच्चे को अजमेर के जवाहरलाल नेहरू हॉस्पिटल ले जाया गया।

डॉक्टरों ने बताया पहली बार ऐसा डॉग बाइट केस देखा

पीडियाट्रिक सर्जरी विभाग की डॉ. गरिमा अरोड़ा ने बताया कि यह गंभीर मामला था। पहली बार ऐसा खतरनाक डॉग बाइट केस देखने को मिला। कुत्तों का हमला इतना खतरनाक था की बच्चे के पेट की बाहरी परत पूरी तरह फट चुकी थी और आंतें बाहर आ गई थीं।

डॉक्टरों ने तुरंत बच्चे का ऑपरेशन किया। पेट में दो जगह गहरे घाव मिले। छाती पर भी काटने और पंजों के निशान थे। कुत्तों के लार से शरीर में गंभीर संक्रमण फैल गया था।

वेंटिलेटर पर था मासूम, आखिर हार गई जिंदगी

सीनियर डॉक्टर लखन पोसवाल ने बताया कि बच्चे की हालत लगातार गंभीर बनी हुई थी। उसे वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया था। शरीर के अंग सही काम नहीं कर रहे थे।मंगलवार सुबह हार्ट बीट रुक गई और इलाज के दौरान बच्चे की मौत हो गई।

इस दर्दनाक घटना के बाद एक बार फिर आवारा कुत्तों का मुद्दा चर्चा में है। ग्रामीणों का कहना है कि गांवों में कुत्तों की संख्या लगातार बढ़ रही है, लेकिन रोकथाम के लिए ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे।

Updated on:
28 Apr 2026 12:11 pm
Published on:
28 Apr 2026 11:55 am