
अजमेर। अजमेर के आदर्शनगर गढ़ी मालियान में कर्ज ने एक परिवार को इस कदर तोड़ दिया कि घर से एक साथ पिता, मां और बेटी की अर्थियां उठीं। फर्नीचर व्यवसायी अशोक शर्मा, उनकी पत्नी इन्द्रा और बेटी दीक्षा की विषाक्त सेवन से मौत हो गई, जबकि बेटा गौरव भी अचेत हालत में मिला। आर्थिक तंगी और बढ़ते कर्ज के बीच परिवार पहले ही बिखर चुका था। बेटे की पत्नी भी कर्ज और पारिवारिक विवाद के चलते ससुराल छोड़कर पीहर चली गई थी। रविवार को तीनों का अंतिम संस्कार हुआ तो बेटा अपनों को खोने के गम में बिलखता रहा।
पुलिस के अनुसार गढ़ी मालियान स्थित सामुदायिक भवन के सामने रहने वाले फर्नीचर व्यवसायी अशोक शर्मा (59) ने पत्नी इन्द्रा शर्मा (52) और 21 वर्षीय बेटी दीक्षा (21) के साथ विषाक्त सेवन कर लिया जबकि बेटा गौरव शर्मा (23) बगल के कमरे में अचेतावस्था में मिला। उसके गले पर निशान मिला है। पड़ताल में सामने आया कि अशोक ने विषाक्त सेवन करने के बाद फुलेरा निवासी भांजे निर्मल को कॉल कर अलविदा कहते हुए कहा कि अब बात नहीं हो पाएगी। इसके बाद भांजे निर्मल ने अन्य रिश्तेदार व पड़ोसियों को शर्मा के घर पर भेजा।
पडो़सी घर पहुंचे तब अशोक, उनकी पत्नी व बेटी अचेतावस्था में मिले जबकि बेटा गौरव बगल के कमरे में अचेतावस्था में मिला। पड़ोसियों ने उन्हें जवाहरलाल नेहरू अस्पताल की आपातकालीन इकाई पहुंचाया। जहां देर रात उपचार के दौरान तीनों की मृत्यु हो गई। सूचना मिलने पर आदर्शनगर थानाप्रभारी ओमप्रकाश मीणा पहुंचे। पुलिस ने शव को मोर्चरी में रखाया। रविवार सुबह गौरव की रिपोर्ट पर पुलिस ने संदिग्ध हालात में मृत्यु का मामला दर्ज कर लिया। फोरेंसिक मेडिसिन विभाग के मेडिकल ज्युरिस्ट डॉ. निर्झर माथुर की अध्यक्षता में गठित बोर्ड में शवों का पोस्टमार्टम किया।
जानकारी अनुसार अशोक कर्ज से परेशान था। गौरव जयपुर में प्राइवेट जॉब के साथ शेयर बाजार में ट्रेडिंग का काम करता था। उसने ट्रेडिंग के लिए भी पड़ोसियों से पैसा उधार ले रखा था। जिससे परिवार आर्थिक तंगी से गुजर रहा था। जानकारी अनुसार डेढ़ साल पहले अशोक के बेटे गौरव ने अन्तरजातीय विवाह किया था। वह पत्नी प्रियंका के साथ जयपुर में रहकर प्राइवेट काम करता था। करीब छह माह पहले आर्थिक तंगी और पारिवारिक कलह के चलते पति-पत्नी में विवाद हो गया। प्रियंका को गौरव के कर्ज का पता चलने पर वह पीहर चली गई। पत्नी के छोड़ जाने के बाद गौरव जॉब छोड़कर अजमेर आ गया। उसने माता-पिता को शेयर बाजार में ट्रेडिंग के लिए जयपुर और अजमेर में उधार ली गई रकम डूबने की जानकारी दी तो शर्मा के परिवार में माहौल तनावपूर्ण हो गया।
जानकारों के मुताबिक अशोक और उनके बेटे गौरव का कर्ज इतना हो गया था कि गहने, मकान बेचने के बाद भी कर्ज बाकी रह जाता। ऐसे में अशोक और उसका परिवार अवसाद में आ गया। उन्हें कर्ज की अदायगी का कोई रास्ता नजर नहीं आया।
गढ़ी मालियान में रविवार दोपहर अशोक के घर से एक साथ तीन अर्थी उठी। यह माहौल देखकर अंतिम संस्कार मे शामिल होने आए हर शख्स की आंखे भर आई। रिश्तेदारों के अलावा बड़ी संख्या में जांगिड़ समाज के लोग अंतिम यात्रा में शामिल हुए।