Ajmer Khushiram Murder Case: अजमेर जिले के अरांई में आकोड़िया गांव के ग्रामीण खुशीराम हत्याकांड को लेकर तहसील चौराहे पर जमा हुए। ग्रामीण खुशीराम को न्याय दिलाने की मांग कर रहे हैं। आक्रोशित ग्रामीणों ने पुलिस पर पथराव किया।
Ajmer Khushiram Murder Case: अरांई क्षेत्र में हुए मासूम खुशीराम की हत्याकांड को लेकर आकोड़िया गांव के ग्रामीण तहसील चौराहे पर एकत्रित होकर जोरदार हंगामा किए। ग्रामीणों ने सड़क जाम कर खुशीराम को न्याय दिलाने और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। उन्होंने कलेक्टर और एसपी को मौके पर बुलाने की भी मांग की।
बता दें कि सुबह से ही बड़ी संख्या में ग्रामीण धरना-प्रदर्शन करते हुए नारेबाजी करने लगे। जाम के कारण यातायात प्रभावित रहा। मौके पर तहसीलदार हिम्मत सिंह, थानाधिकारी भोपाल सिंह और बोराड़ा थानाधिकारी जगदीश प्रसाद सहित भारी पुलिस बल पहुंचा और ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया। लेकिन ग्रामीण उच्च अधिकारियों को बुलाने की मांग पर अड़े रहे।
ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिस हत्याकांड में अन्य संदिग्धों को बचा रही है और एफआईआर में दर्ज बिंदुओं के अनुसार कार्रवाई नहीं हो रही। घटना स्थल से मिली लहूलुहान ओढ़नी की भी जांच नहीं की गई। परिजन कहते हैं कि गिरफ्तार आरोपी दीपक, जो 12वीं कक्षा का छात्र है, अकेले यह वारदात नहीं कर सकता और इसमें अन्य लोगों की संलिप्तता है, लेकिन पुलिस उन पर कार्रवाई नहीं कर रही।
आक्रोशित ग्रामीणों ने पुलिस पर पथराव किया, जिसके बाद पुलिस ने लाठीचार्ज कर स्थिति को काबू में किया। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन और उग्र रूप ले सकता है।
अरांई थाना अधिकारी गोपाल सिंह ने बताया कि मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है और ग्रामीणों को समझाने का प्रयास जारी है। पुलिस ने जाम और हंगामे के बीच शांति बनाए रखने की कोशिश की। कुल मिलाकर अरांई में हत्याकांड के मामले ने गांव और आसपास के क्षेत्रों में भारी तनाव पैदा कर दिया है और ग्रामीण न्याय की प्रतीक्षा में दृढ़ता से प्रदर्शन कर रहे हैं।