Ajmer Murder Case : अजमेर में चार लोगों की हत्या मामले में पुलिस पूछताछ में नाबालिग पुत्र ने बताया कि पिता की हत्या के लिए ऑनलाइन चाकू मंगवाया था। जानें इस मर्डर में और क्या राज हैं?
Ajmer Murder Case : अजमेर में चार लोगों की हत्या मामले में नाबालिग पुत्र से पुलिस ने पूछताछ की। जिसमें उसने बताया कि पिता की हत्या के लिए उसने ऑनलाइन चाकू मंगवाया था। पुलिस अधिकरियों के अनुसार मां को दी जाने वाली प्रताड़ना से 17 वर्षीय नाबालिग बेटा क्षुब्ध था। जिस वजह से पिता को मारने की लगातार साजिश रच रहा था। उसने अपनी मां को पिता को जान से मारने की चेतावनी भी दी थी। वह अपने पिता की हत्या का दो बार प्रयास कर चुका था। पुलिस की पड़ताल में नाबालिग ने कबूल किया कि वह पहले भी पिता रामसिंह को जान से मारने की कोशिश कर चुका था। उसने अपनी मां से भी कहा था कि वह किसी भी दिन पिता की हत्या कर देगा। उसने खाने में जहर मिलाने व माइंस में धक्का देकर हत्या का प्रयास किया, लेकिन दोनों बार असफल रहा।
नाबालिग ने बताया कि उसने ऑनलाइन चाकू मंगवाया। फिर बुधवार को उसे मौका मिल गया। बुधवार देर रात तक विवाद के बाद उसने नशे में सो रहे पिता रामसिंह का अलसुबह गला रेत दिया। फिर बगल में सो रही सौतेली मां सुरज्ञानदेवी का भी गला रेत दिया। शोर सुनकर दादी पूसीदेवी, रिश्ते में बुआ महिमा कमरे से बाहर आई। ऐसे में मां और बहन के साथ मिलकर उनको भी मौत की नींद सुला दिया। फिर उन्हें मरा हुआ समझकर एसयूवी में डालकर घर से 500 मीटर दूर ले जाकर आग लगा दी ताकि लोग वारदात को हादसा समझें।
पर पूरा बनाया खेल खुल गया। पुलिस अधिकारियों को उसने बताया कि पिता रामसिंह उसकी मां को घर में सार्वजनिक रूप से प्रताड़ित करता था जबकि दूसरी पत्नी सुरज्ञान के साथ शराब पार्टी चलती थी। मां से रोज-रोज मारपीट, झगड़ों ने उसके मन में पिता के लिए नफरत पैदा कर दी।
प्रकरण में मृतक रामसिंह के रिश्तेदार गजराज की ओर से मुकदमा दर्ज करवाया गया है। पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
काशीर ग्राम पंचायत के पूर्व सरपंच रामसिंह चौधरी, उनकी दूसरी पत्नी सुरज्ञान, मां पूसीदेवी और मौसेरी बहन महिमा की हत्या हुई थी।
ग्रामीणों ने बताया कि महिमा, पूसी देवी की बहन की बेटी थी। बहन के जुड़वां बेटियां होने पर वे महिमा को बचपन में ही अपने घर ले आई थीं और बेटी की तरह उसका पालन-पोषण किया था। महिमा अविवाहित थी और परिवार के साथ ही रहती थी।
बोराड़ा थाने के श्रीरामपुरा में सुबह 4 व्यक्तियों के कार में जिन्दा जलने की सूचना पर घटनास्थल पर पहुंचा। प्रारंभिक पड़ताल में सड़क हादसा बताया गया। घटनास्थल पर तीन शव बुरी तरह से जल चुके थे लेकिन जलने से बची महिला के शरीर पर धारदार हथियार से चोट नजर आना पुलिस के लिए पहला बड़ा 'क्लू' था। मृतक रामसिंह के घर पर एफएसएल टीम ने समय रहते पर्याप्त सबूत जुटाने के बाद प्राइम सस्पेक्ट सुनीता व उसके बच्चों को डिटेन कर पूछताछ की तो सुनीता ने अपराध करना कबूल लिया। हत्या का मुकदमा दर्जकर सुनीता को गिरफ्तार कर तमाम तथ्यों पर गहनता से पड़ताल की जा रही है।
हर्षवर्धन अग्रवाला, एसपी अजमेर
किशनगढ़ ग्रामीण डिप्टी आयुष वशिष्ठ, बोराड़ा थानाधिकारी सूर्यभानसिंह, अरांई थानाधिकारी रोशन सामरिया भी मौके पर पहुंचे और एसपी के मागदर्शन में जांच शुरू की।