अजमेर

Ajmer News: अवैध एंट्री वसूली मामला, नसीराबाद बीजेपी मंडल अध्यक्ष निलंबित, ACB रिमांड पर पूछताछ जारी

अवैध एंट्री वसूली मामले में नसीराबाद भाजपा मंडल अध्यक्ष संजय यादव को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निलंबित कर दिया गया है। एसीबी ने आरोपी को रिमांड पर लिया है। मामले में अवैध वसूली के आरोपों को लेकर पूछताछ जारी है।
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Jan 10, 2026
Ajmer Nasirabad BJP Mandal President Sanjay Yadav
Sanjay Yadav (Patrika Photo)

नसीराबाद (अजमेर): परिवहन विभाग में भारी वाहनों से अवैध एंट्री वसूली के बड़े रैकेट का खुलासा होने के बाद एसीबी की कार्रवाई में पकड़े गए नसीराबाद शहर के भाजपा मंडल अध्यक्ष संजय यादव को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निलंबित कर दिया है।

एसीबी जांच में सामने आया है कि राष्ट्रीय राजमार्गों पर ओवरलोड और नियमों का उल्लंघन करने वाले भारी वाहनों से खुलेआम अवैध एंट्री वसूली की जा रही थी। जांच एजेंसियों के अनुसार, कोटा स्टोन रूट की एंट्री की कथित जिम्मेदारी नसीराबाद क्षेत्र के भाजपा मंडल अध्यक्ष संजय सिंह उर्फ निर्मल यादव को सौंपी गई थी। रैकेट को मिलीभगत और तय हिस्सेदारी के आधार पर संचालित किया जा रहा था।

पार्टी ने किया निलंबन

इधर, नाम सामने आने के बाद भाजपा अजमेर देहात के जिला अध्यक्ष जीतमल प्रजापत ने प्रदेश अध्यक्ष के आदेशानुसार संजय यादव को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निलंबित किए जाने की पुष्टि की है। यादव को कारण बताओ नोटिस भी जारी किया गया है।

सियासी हलचल बढ़ी

मंडल अध्यक्ष पद से यादव को हटाने के बाद स्थानीय राजनीति में हलचल तेज हो गई है। संगठन के भीतर नए मंडल अध्यक्ष को लेकर मंथन शुरू हो गया है। शहर में कई नामों को लेकर अटकलें लगाई जा रही हैं।

ये रहा पूरा मामला

एसीबी ने अवैध एंट्री वसूली के बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए एक साथ छह शहरों में कार्रवाई की। एसीबी की 12 टीमों ने ब्यावर, नसीराबाद, विजयनगर, केकड़ी, किशनगढ़ और अजमेर में एक साथ छापेमारी की। जांच में सामने आया कि परिवहन विभाग के कुछ अधिकारी-कर्मचारी निजी दलालों के साथ मिलकर राष्ट्रीय राजमार्गों से गुजरने वाले परिवहन वाहनों से प्रति वाहन 600 से 1000 रुपए तक की अवैध वसूली कर रहे थे।

यह वसूली ब्यावर के होटल शेर-ए-पंजाब, नसीराबाद के होटल आरजे-01 और जगदंबा टी स्टॉल जैसे ठिकानों से संचालित की जा रही थी। एसीबी जांच में पता चला कि पूरा नेटवर्क कोडवर्ड और डिजिटल पेमेंट के जरिए चल रहा था। दलाल वाहन चालकों से नकद के साथ-साथ पेटीएम जैसे डिजिटल माध्यमों से राशि लेकर परिवहन विभाग की आरटीओ टीमों तक पहुंचाते थे।

यह रिश्वत वाहन चेकिंग के दौरान खामियां नहीं निकालने, ओवरलोड वाहनों पर कार्रवाई न करने और वाहनों को जब्त न करने के बदले ली जाती थी। नेटवर्क के संचालन के लिए मोबाइल मैसेजिंग, डिजिटल भुगतान और हाईवे स्थित ढाबों का इस्तेमाल किया जा रहा था। दलालों ने कई मोबाइल फोन के जरिए कॉल सेंटर जैसी व्यवस्था बना रखी थी, जिससे वाहन नंबर संबंधित टीमों को भेजे जाते थे।

कार्रवाई के दौरान एसीबी ने 1,16,700 रुपए की संदिग्ध नकदी, 19 मोबाइल फोन, 4 सीसीटीवी डीवीआर और 12 संदिग्ध डायरियां जब्त की हैं। इनमें लाखों रुपए के लेन-देन और बड़ी संख्या में डिजिटल भुगतान का रिकॉर्ड मिला है।

Published on:
10 Jan 2026 10:26 pm